जिसमें पहले जारी किए परीक्षा परिणाम में लगभग 30 छात्राओं अंग्रेजी में री-अपीयर थीं जबकि भूगोल विषय में उत्तीर्ण थीं। इसके बाद 12 नवंबर को विश्वविद्यालय की तरफ से संशोधित परिणाम घोषित किया गया। जब सोमवार को अपना पुन: परिणाम देखा तो उनके परिणाम में तब्दीली मिली। जो छात्राएं अंग्रेजी में री-अपीयर थी उनमें कुछ को पास कर दिया गया जबकि कुछ को भूगोल में बेहद कम नंबर दर्शाए गए हैं। इसी तरह जो छात्राएं फेल थी उनमें कुछ को उत्तीर्ण भी दिखा दिया गया।
40 छात्राएं पहुंचीं विवि, एक सप्ताह का दिया समय
छात्राओं ने इस मामले में कॉलेज प्रबंधन को अवगत कराया लेकिन प्रबंधन की तरफ से इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की बताई गई। इसके बाद मंगलवार को कॉलेज की लगभग 40 से अधिक छात्राएं विश्वविद्यालय में पहुंचीं और परीक्षा नियंत्रक कक्ष के बाहर के प्रदर्शन करना प्रारंभ कर दिया। छात्राओं ने बदले गए परिणाम और उनके परिणाम को गलत बताते हुए संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की।
छात्राओं के विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद विवि के छात्र संगठनों के भी पदाधिकारी वहां पहुंच गए। लगभग आधा घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पहुंचे परीक्षा नियंत्रक डॉ. डीपी गोयल को छात्राओं ने ज्ञापन सौंपा और संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की। छात्राओं ने कहा कि यदि परिणाम संशोधित जारी नहीं किया तो फिर से आंदोलन करेंगी। जिस पर परीक्षा नियंत्रक ने एक सप्ताह में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
हमारी तरफ से परीक्षा परिणाम में कोई संशोधन नहीं किया गया है। इससे पहले भी बीकाम के विद्यार्थियों की भी यही समस्या थी जिसके बाद उनकी कापी दोबारा जांच कराई तो उसमें उनके अंक सही निकले। इसी तरह बीए द्वितीय वर्ष की छात्राओं को भी कुछ शंकाएं हैं जिनकी कापियां उनके शिक्षकों द्वारा ही चेक कराकर इसका समाधान करा दिया जाएगा। परिणाम में किसी भी प्रकार की गलती नहीं है। -डॉ. डीपी गोयल, परीक्षा नियंत्रक, आईजीयू।