शिअद अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान को बुधवार तड़के चार बजे उनके न्यू अमृतसर स्थित आवास से छेहरटा पुलिस ने जबरदस्ती उठा लिया।
इसी बीच मान के हाथों में कुछ चोटें आईं। मान ने संबंधित थाना पुलिस पर आरोप लगाया कि जिस पुलिस अधिकारी ने उन्हें गिरफ्तार किया था उसके मुंह से शराब की दुर्गंध आ रही थी। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाए कि उनके पास पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के बिना वारंट के गिरफ्तार न करने की आदेश का फैसला पड़ा था।
पुलिस ने हाईकोर्ट के फैसले की अवहेलना करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने जिला पुलिस उपायुक्त जतिंदर सिंह औलख से संपर्क साधा, लेकिन उन्होंने जवाब दिया कि यह आदेश उन्हें ऊपर से आए हैं। वे तो उसकी पालना कर रहे हैं।
इसके बाद सिमरनजीत सिंह मान को अगले सात घंटे थाना छेहरटा में रखा गया। वहां पर जब मान की तबीयत खराब हुई तो उन्हें गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल कराया गया।
वहां पर मेडिकल अधीक्षक रामस्वरूप शर्मा के नेतृत्व में अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनके हर प्रकार के टेस्ट किए। ईसीजी में हार्ट की समस्या आई। डॉक्टर राजीव शर्मा के नेतृत्व में उन्हें आईसीयू में दाखिल किया गया।
इससे पहले सिमरनजीत सिंह मान ने अमर उजाला को बताया कि सरकार ने उन्हें घर से जबरदस्ती गिरफ्तार किया है। उन्होंने आरोप लगाए कि राज्य सरकार खुद ही यहां माहौल खराब कर रही है। सरबत खालसा के आयोजन से सरकार बौखला गई और इसलिए उसने इस तरह का कदम उठाया जिसका नुकसान 2017 की विधानसभा चुनाव में उसे भुगतना पड़ेगा।
शिअद अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने गुरु नानक देव अस्पताल के आईसीयू वार्ड में अमर-उजाला को बताया कि आने वाले दिनों में उनकी पार्टी मुख्यमंत्री बादल की रैलियों का बहिष्कार करेगी। इसके लिए पार्टी एक बैठक करेगी।
इसमें पार्टी के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को निदेश जारी किए जाएंगे कि जिस क्षेत्र में बादल सरकार की रैली हो वहां उनका बहिष्कार किया जाए। इसके लिए चाहे उन्हें जेल जाना पड़े वे नहीं डरेंगे। मान ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया जिन सिखों ने सरबत खालसा में भाग लिया उन्हें सरकार घर से गिरफ्तार कर किसी गुप्त स्थान पर रख रही है ताकि उनकी रिहाई जल्द न हो सके।