पंजाब प्रदश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पूर्व सीएम कैप्टन अमदिंर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा है कि वह राहुल गांधी की पार्टी अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी के रास्ते में रुकावट डालने की कोशिश कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कैप्टन ने हाल ही में जारी एक बयान में राहुल को और अनुभव लेने की नसीहत देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में सोनिया के बने रहने का समर्थन किया था।
बाजवा ने कहा कि राहुल का अध्यक्ष बनना पार्टी को मजबूत करेगा तथा फिर से सिर उठाने की कोशिश कर रही समाज विरोधी ताकतों पर नकेल कसेगा। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी बहुत ही आदरणीय नेता हैं और वह हमेशा कांग्रेसियों को दिशा-निर्देश देती रहेंगी।
वहीं, राहुल गांधी समाज के सभी वर्गों विशेषकर युवाओं को नई चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सक्रिय करेंगे। वह संगठन को नया रूप देंगे। उन्होंने कहा कि इस क्रम में कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले पखवाड़े से राहुल की ताजपोशी को रोकने की कोशिशें कर रहे हैं।
राहुल गांधी आधुनिक भारत की चुनौतियों से पूरी तरह अवगत
बाजवा ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से लोकसभा में हैं और यह तजुर्बा हासिल करने के लिए काफी है। वह आधुनिक भारत की चुनौतियों से पूरी तरह अवगत हैं।
यह भी कहा कि बिल क्लिंटन ने 46 साल की आयु में अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभाला था और बराक ओबामा ने 47 की उम्र में। डेविड कैमरन 43 साल की आयु में इंगलैंड के प्रधानमंत्री चुने गए थे।
उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरदिंर ने कांग्रेस में अपनी शागिर्दी भी पूरी नहीं की थी, जब वह 14 साल अकाली दल में रहने के बाद 1998 में दोबारा कांग्रेस मे शामिल हुए और चार माह बाद उनको प्रदेश पार्टी अध्यक्ष बना दिया गया।
बाजवा अपने काम से मतलब रखें
बाजवा के बयान पर पलटवार करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि वह अपना काम करें तथा उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश न करें।
कैप्टन ने कहा है कि वह राहुल गांधी के पार्टी की कमान संभालने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हालात को लेकर उन्होंने सलाह दी है कि इसके लिए यह उचित समय नहीं है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय की मांग है कि सोनिया गांधी ही कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में बनी रहें। यह भी कहा कि एक कांग्रेसी और राहुल का हमदर्द होने के नाते उन्हें अपनी राय व्यक्त करने में कोई दिक्कत महसूस नहीं होती।
कैप्टन ने कहा कि मौजूदा हालात में देश की सियासत काफी बदल गई है। मोदी और केजरीवाल का उदाहरण देते हुए वह बोले कि आज यह व्यक्तित्व केंद्रित हो गई है। ऐसे में सोनिया गांधी के अलावा कोई अन्य कांग्रेस को उचित नेतृत्व प्रदान नहीं कर सकता।