प्रेसवार्ता करते प्रताप सिंह बाजवा।
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विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब सरकार के अधिकार दिल्ली की केजरीवाल सरकार के पास गिरवी रख दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शहीद भगत सिंह की बातें करते हैं और इंकलाब के नारे लगाते हैं लेकिन पीली पगड़ी पहन कर कोई शहीद भगत सिंह नहीं बन सकता।
इंकलाब के नारे लगाने वाले मान अब दबे-दबे नजर आते हैं। इसके लिए ईमानदारी से काम करने की जरूरत है। बाजवा ने कहा कि मान ने दिल्ली के साथ लगभग 18 समझौते किए हैं, वह भी सदन में पास कराए बिना, इसका कांग्रेस विरोध करती है। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा मंगलवार को पूर्व कांग्रेस विधायक कुलदीप वैद के निवास पर पहुंचे।
बाजवा ने कहा कि दिल्ली एक पूर्ण राज्य नहीं है जबकि पंजाब एक पूर्ण राज्य है। पूर्ण राज्य होने के बावजूद पंजाब को दिल्ली जैसे राज्य के पास गिरवी रखने की साजिश पंजाब के लिए बहुत बड़ी क्षति होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार जो भी फैसला लेती है, वह पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं बल्कि केजरीवाल व राघव चड्ढा लेते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान सिर्फ रबर स्टैंप बनकर रह गए हैं। केजरीवाल की मंशा साफ है कि वह दिल्ली में रहकर पंजाब को चलाना चाहते हैं। विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने लोगों के समक्ष ये बातें रखी थीं, अब वही हो रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की विधानसभा नगर निगम सदन है, उसके सीएम केजरीवाल हैं। उनके पास पुलिस की ताकत नहीं है। इसलिए वो पंजाब की शक्तियां दिल्ली में उपयोग में लाएंगे।
बिजली आपूर्ति के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पंजाब लगातार बिजली कटौती का सामना कर रहा है। सरकार कई वादों से भाग रही है। उन्होंने गेहूं की उपज में गिरावट के लिए किसानों को 500 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को बचाना जरूरी है।