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'मजीठिया को मंत्री पद पर रहने का अधिकार नहीं'

Mon, 05 May 2014 02:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
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पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को श्री अकाल तख्त साहिब के ओर से धार्मिक रूप में दोषी घोषित किए जाने के बाद अब उनको मंत्री पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
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उन्होंने कहा कि खुद को पंथक सरकार का मुखी बताने वाले मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की भी अब जिम्मेदारी है कि वह सरकार की इमेज को बचाने के लिए मजीठिया को मंत्री पद से तुरंत हटाएं। बजावा अपने अमृतसर दौरे के दौरान मीडिया के साथ बातचीत कर रहे थे।

बाजवा उन कांग्रेसी वर्करों और नेताओं से भी मिलने के लिए गए जिन को चुनावों के दौरान अकाली नेताओं और वर्करों की ओर से डराया धमकाया गया।

बाजवा ने कहा कि मजीठिया अकाल तख्त साहिब से माफी मांगने के लिए एक शक्तिशाली मंत्री के रूप में गया था। वह अपने साथ एसजीपीसी के कई सदस्यों और अकाली दल व युवा अकाली दल के कई पदाधिकारियों को साथ लेकर गया है। जिस कारण श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार पर भी दबाव बनाया गया है।
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बाजवा ने कहा कि अगर मजीठिया अपने माफीनामा के साथ-साथ अपने मंत्री पद का त्यागपत्र भी लेकर जाता तभी कहा जा सकता था कि मजीठिया ने सही रूप में माफी मांगी है। मजीठिया ने अकाल तख्त साहिब पर अपने साथ भारी संख्या में समर्थकों को ले जाकर सिर्फ अपनी शक्ति का ही प्रदर्शन किया है। यह सिख परंपराओं के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि जो पंजाब में हो रहा है उसके लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और मजीठिया तीनों ही बराबर के जिम्मेदार हैं। बाजवा ने कहा कि चुनावों के दौरान अकालियों की ओर से तीनों नेताओं की शह पर कांग्रेसी वर्करों पर हमले किए है। बहुत ही जल्दी पंजाब कांग्रेस अकाली-भाजपा सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू करने जा रही है।

उन्होंने कहा कि अब तो पंजाब में आकर नरेंद्र मोदी ने भी स्वीकार कर लिया है कि यहां एक बड़ा गैंग नशे का कारोबार कर रहा है। जिसको खत्म करना जरूरी है। बाजवा ने कहा कि आज सारी दुनिया जान चुकी है कि मजीठिया ही इस नशे के कारोबारियों के गैंग का मुखी है। 2017 के बाद बादलों और मजीठिया का हाल भी जरनल गद्दाफी की तरह ही होगा।

अकाल तख्त के पूर्व ग्रंथी ने सजा को कम बताया
मजीठिया के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी भगवान सिंह का कहना है कि सिख धर्म की परंपराओं के अनुसार किसी भी तरह की धार्मिक गलती की सजा जरूरी है। मजीठिया को सजा देकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने बढ़िया कदम उठाया है और पंथ की परंपराओं को कायम रखा है। लेकिन जिस तरह की गलती मजीठिया ने की है, वैसी गलतियां इतिहास में कई लोगों की ओर से की गई हैं।

मजीठिया की गलती के हिसाब से सजा कम है। अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि मजीठिया को सजा एक योजनाबद्ध ढंग से गलती के हिसाब से बहुत ही कम दी गई है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मजीठिया ने जो गलती की है, उस हिसाब से उन्हें पंथ से ही नहीं, देश से भी बाहर भेज देना चाहिए था। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मजीठिया ने जितनी बड़ी गलती की है उस के हिसाब से दी गई सजा सिर्फ आंखों के आंसू पोंछने की ही कार्रवाई है।
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