नगर निगम ने एक बार फिर पार्किंग का रेट और उनकी संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। ऐसे में अब रेट बढ़ाने की गेंद प्रशासन के पाले में है। प्रशासन रेट बढ़ाने का फैसला जल्द सुना सकता है। क्योंकि निगम के पास पेड पार्किंग का रेट बढ़ाने का यह अंतिम मौका था।
प्रशासन की ओर से आए नोटिस के साथ रेट बढ़ाने का प्रस्ताव सोमवार को सदन के समक्ष रखा गया, जिस पर मनोनीत पार्षद तो नोमिनल रेट बढ़ाने को तैयार हो गए, जबकि कांग्रेस ने इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया।
वहीं भाजपा ने पहले कहा कि वह इस प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए तैयार थी, लेकिन जब कांग्रेस ने प्रस्ताव का विरोध किया तो भाजपा भी पीछे हट गई। जबकि निगम कमिश्नर भावना गर्ग ने सदन के समक्ष कई बार कहा कि इस प्रस्ताव पर गंभीरता से निर्णय लिया जाए।
मालूम हो कि प्रशासन ने रेट और फ्री को पेड पार्किंग बनाने का आदेश जारी कर तीन दिन पहले ही नोटिस भेजकर दस दिन के भीतर जबाव देने को कहा है। मनोनीत पार्षद एमपी कोहली और बाबूलाल ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए कुछ रेट बढ़ जाने चाहिए।
कोहली ने पहले दो घंटे के लिए पुराना रेट ही लागू करने की बात की थी। कमिश्नर ने सदन में कहा कि अगर रेट बढ़ जाते हैं, तो पार्किंग रेगुलेट और सेमी ऑटोमेटिक की जाएगी।
नोटिस मेयर की असफलता
भाजपा पार्षद दल के नेता अरुण सूद ने कहा कि जो प्रशासन ने चेतावनी का नोटिस भेजा है वह मेयर की असफलता है। मेयर की प्रशासन से कोऑर्डिनेशन की कमी है, जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। सलाहकार नगर निगम के हर समारोह में आते हैं, लेकिन मेयर नगर निगम को आ रही दिक्कतों पर उनसे बात नहीं करती हैं।