फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CM बादल ने मानी वकीलों की मांग, बड़ा ऐलान कर दिया तोहफा

Sun, 01 May 2016 05:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
प्रकाश सिंह बादल, पंजाब सीएम - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने वकीलों की एक मांग को मानते हुए उन्हें बहुत बड़ा तोहफा दे दिया है। सीएम बादल ने आज वकीलों का जीवन बीमा चार लाख 80 हजार से बढा़कर दस लाख रूपये करने का ऐलान किया है। वह पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल में 200 वकीलों को इनरोलमेंट लायसेंस देने ला भवन पहुंचे थे। सीएम ने कहा है कि बीमा संबंधी जल्द्र ही अध्यादेश जारी किया जाएगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वकील भाईचारे को फ्लैट बनाकर दे या मकान बनाने के लिए उचित भूमि दे, यह जगह मोहाली में देने के लिए सरकार तैयार है। सर्टिफिकेट वितरण समारोह में बादल ने वकीलों को समाज में सक्रिय भूमिका निभाने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका, विधानपालिका तथा न्यायपालिका राज्य का महत्वपूर्ण अंग है और संविधान के अनुसार इन तीनों के लिए लोगो के लिए पूरी सदभावना से काम करने की जिम्मेवारी वकीलों की बनती है।

उन्होंने कहा कहा कि न्यायपालिका, विधान पालिका, बार काउंसिल के सदस्य, कानून अकादमिक माहिर और स्कॉलरों को सामाजिक परिर्वतन का हल ढूंढने के लिए सौहार्द से काम करना चाहिए। उन्होने कहा कि वकील किसी भी व्यक्ति के लिए न्याय प्राप्त करने और उसके मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा सकते है। इस मौके सीएम ने कहा कि पंजाब सरकार ने प्रदेश में 220 करोड़ रूपए की लागत से जुडिशियल कंपलेक्स स्थापित किए हैं।
विज्ञापन


इसके अलावा एडवोकेट वेल्फेयर फंड स्थापित किया गया। सीएम ने वकीलों के कारपस फंड के लिए एक करोड़ रूपए भी दिए। पंजाब के एडवोकेट जनरल अशोक अग्रवाल ने समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होने नए वकीलों को अपनी जिम्मेवारी संमूर्पण भावना से निभाने का आहवान करते हुए कहा कि वकालत ही ऐसा पेशा है जो किसी व्यक्ति को हरेक क्षेत्र का नेतृत्व करने के योग्य बनाता है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह बराड़ ने वकीलों के कल्याण के लिए किए कामों पर सीएम का धन्यवाद किया।

केजरीवाल को बुलाने पर बंटी काउंसिल
पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल के अध्यक्ष रजत गौतम की ओर से वकीलों को लायसेंस देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाने को लेकर काउंसिल में खासा विवाद खड़ा हो गया था। काउंसिल के कुछ सदस्यों का मानना था कि चूंकि काउंसिल पंजाब और हरियाणा से संबंधित है, लिहाजा बाहर के सीएम को बुलाने का औचित्य नहीं बनता। इसी कारण वीरवार को हुए कार्यक्रम में कई सदस्य उपस्थित नहीं रहे। इसी बीच कार्यक्रम तय करना पड़ा कि बाद में सीएम पंजाब को आमंत्रित करके शेष 200 सर्टिफिकेट दिलाए जाएंगे। इसी के तहत शनिवार को सीएम बादल को बुलाकर शेष वकीलों को सर्टिफिकेट देने का कार्यक्रम तय हुआ।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें