पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अटकलों पर विराम लगाते हुए मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि वह देश के अगले राष्ट्रपति पद की दौड़ में नहीं हैं। शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पांच बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, 90 वर्षीय प्रकाश सिंह बादल ने यह बात पत्रकारों के सवालों के जवाब में मंगलवार को कही। उनसे पूछा गया कि राष्ट्रपति पद के लिए उन्हें एनडीए के संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है, इस पर बादल ने कहा कि यह केवल अफवाह है। उन्होंने कहा कि, ‘अब मेरी सेहत मुझे इजाजत नहीं देती .... (उच्चतम कार्यालय की जिम्मेदारी संभालने की)।’
हाल ही में पूर्व सीएम बादल ने अपने विधानसभा क्षेत्र लंबी में यही भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा था- ‘मैंने अपने नाम के बारे में चर्चा सुनी है, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। मैं जब तक जीवित हूं, अपने सूबे की सेवा करना चाहता हूं और खास बात यह भी है कि मैं इस पद (राष्ट्रपति) की इच्छा नहीं रखता हूं।’
मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह खराब सेहत के कारण ही बुधवार से शुरू हो रहे पंजाब विधानसभा के बजट सत्र में शामिल नहीं हो सकते, क्योंकि वे खुद को तंदरुस्त महसूस नहीं कर रहे।
उल्लेखनीय है कि इस साल संपन्न हुए पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान अपने हलके लंबी में बादल ने अपनी उम्र का हवाला देते हुए यही भावनाएं व्यक्त की थीं कि संभवत: यह उनका आखिरी चुनाव है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से यह अपील भी की थी कि वे अंतिम समय तक अपने सूबे और लोगों की सेवा करना चाहते हैं।
बादल के इस आग्रह का मतदाताओं ने सम्मान भी किया और उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह व आप प्रत्याशी जरनैल सिंह के मुकाबले भारी मतों से जिताकर विधानसभा में भेज दिया। हालांकि उनके नेतृत्व में दस साल तक सूबे की सत्ता पर काबिज रही शिअद को विपक्ष में बैठना पड़ रहा है।