स्कूलों में दाखिले के दौरान किन बातों का ध्यान रखा जाए और किन कमियों को दूर करना जरूरी है, ताकि बच्चों को शिक्षण का बेहतर मौका मिल सके।
बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों की अहम भूमिका होती है। बेहतर शिक्षा हासिल करने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों पर भी बराबरी से ध्यान देना जरूरी है।
सेहत और वित्तीय प्रबंधन भी इसका अहम हिस्सा है। अभिभावकों के लिए जरूरी है बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट पर ध्यान दें।
सेक्टर-सात स्थित डीसी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित पैरेंटिंग सेमिनार का आयोजन किया, जिसमें सौ से अधिक अभिभावकों ने हिस्सा लिया।
सेमिनार के दौरान शिक्षाविद, डायटीशियन के अलावा मनोवैज्ञानिक ने भी अभिभावकों को संबंधित विषयों पर टिप्स दिए।
20 दिसंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-46 स्थित कुंदन इंटरनेशनल में जबकि 21 को मोहाली के सेक्टर-69 स्थित दून इंटरनेशनल में इसी कड़ी में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेमिनार में हिस्सा लेने के लिए अभिभावक 9803079803 या 8054009803 पर संपर्क कर सकते हैं।
डीसी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के डायरेक्टर भारत भूषण गुप्ता ने कहा कि बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ जरूरी है कि उन्हें परंपरागत मूल्यों से भी उन्हें जोड़ा जाए।
बिरला सनलाइफ के डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजर अजय भट्ट और क्षेत्रीय प्रमुख वरुण मंगल ने कहा कि पढ़ाई के लिए सुरक्षित भविष्य बेहद जरूरी है। ब्रांच मैनेजर पुष्पेन्द्र सिंह भी मौजूद रहे।
डायटीशियन डॉ. रितु प्रधान ने कहा कि पढ़ाई के दौरान स्कूल या कॉलेज जाने वालों को सुबह ब्रेकफास्ट लेना बेहद जरूरी है। अभिभावकों को भी इस ओर ध्यान देना जरूरी है, ताकि पढ़ाई के साथ साथ उनकी सेहत भी ठीक रहे।
मनोवैज्ञानिक डा. नरिन्दर सिंह ने कहा कि बच्चों के मनोविज्ञान को परखना बेहद जरूरी है। पढ़ाई के लिए बच्चों की किसी और छात्रों के साथ तुलना नहीं करना चाहिए, इससे उनमें नकारात्मक भाव पैदा होते हैं। डा. सिंह ने भी सेमिनार में मौजूद अभिभावकों के सवालों के जवाब दिए।