शिरोमणि अकाली दल (बादल) से दो बार सांसद रही परमजीत कौर गुलशन ने शनिवार को साथियों समेत पार्टी को अलविदा कह दिया। वह टकसाली अकाली नेता सुखदेव सिंह ढींढसा की मौजूदगी में उनकी पार्टी का दामन थाम लिया है। गुलशन के साथ भोला सिंह गिल पत्ती, राजविंदर कौर भी टकसाली अकाली दल के साथ जुड़ गई हैं।
राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि मैं 2022 का चुनाव नहीं लड़ूंगा और न ही मुझे किसी पद की चाहत है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसजीपीसी में बहुत ज्यादा घपले हुए हैं। आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में शिअद का ग्राफ गिरा और एसजीपीसी में प्रधान की नहीं, बादल परिवार की चलती है। उन्होंने कहा कि शिअद के अध्यक्ष सुखबीर ने कोई कुर्बानी नहीं दी, उसके बावजूद उन्हें अध्यक्ष बना दिया गया। 28 मार्च को एसजीपीसी के आ रहे बजट पर ढींढसा ने कहा कि एसजीपीसी की ओर से तख्त साहिब की गुल्लक का दुरुपयोग किया जा रहा।
पूर्व सांसद गुलशन ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल बादल एक ही परिवार की पार्टी बनकर रह गई और पार्टी में अब पीए कल्चर भारी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने शिअद नेताओं की अब मौजूदा लीडरशिप कोई सुनवाई नहीं करती। शिअद बादल पुराने अकाली दल 1920 के नियमों पर खरा नहीं उतर रहा है। इससे दुखी होकर उन्होंने शिअद को अलविदा कहा है।