चंडीगढ़ नगर निगम का सदन पेपरलेस होने जा रहा है। सभी पार्षदों और अधिकारियों के डेस्क पर माइक के साथ ही एक टैबलेट फिट करने की योजना है ताकि बैठकों के लिए एजेंडा की मोटी-मोटी कॉपियां प्रिंट न करनी पड़ें। 25 जुलाई को होने जा रही सदन की बैठक में यह एजेंडा लाया जाएगा। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो चंडीगढ़ देश का पहला पेपरलेस नगर निगम बनेगा।
नगर निगम का कहना है कि काम में अधिक दक्षता लाने और लंबे एजेंडे के कारण कागज और धन की बर्बादी को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा सदन की कार्यवाही को डिजिटल बनाने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम होगा। सभी डेस्क पर टैबलेट फिट होने के बाद सदन की बैठक से पहले एजेंडे की सॉफ्ट कॉपी पार्षदों और अधिकारियों को भेज दी जाएगी। एजेंडा की सॉफ्ट कॉपी सदन में स्थापित टैबलेट पर भी प्रदर्शित की जाएगी। इससे कार्यकुशलता सुनिश्चित होगी और कागज, धन की बर्बादी पर अंकुश लगेगा।
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25 जुलाई को सदन की बैठक में आएगा एजेंडा
मेयर अनूप गुप्ता ने बताया कि यह 25 जुलाई को होने वाली बैठक में सदन को पेपरलेस करने का एजेंडा लाया जाएगा। अगर मंजूरी मिलती है तो कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द इसे लागू कराया जाए ताकि कागज की बर्बादी आदि बंद हो सके।
प्लांट के मुद्दे पर फिर होगा हंगामा
डड्डूमाजरा में लगने जा रहे 550 टीडीपी के गार्बेज प्रोसेसिंग प्लांट का मुद्दा थमता नजर नहीं आ रहा। आम आदमी पार्टी एक बार फिर सदन की बैठक में प्लांट के मुद्दे भाजपा को घेरने की तैयारी कर रही है। पार्टी के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष दमनप्रीत सिंह ने कहा कि 25 जुलाई को होने वाली सदन की बैठक में प्लांट को लेकर वह कई अहम खुलासे करने जा रहे हैं। कहा कि पार्टी का रुख एकदम स्पष्ट है कि यह प्लांट डड्डूमाजरा में नहीं लगना चाहिए, क्योंकि गोवा में भी जो प्लांट पार्षद देखकर आए हैं वह रिहायशी इलाके में नहीं है, बल्कि रिहायशी इलाके से काफी दूर है। फिर नगर निगम डड्डूमाजरा में रिहायशी इलाके के बीच यह प्लांट क्यों लगा रहा है। बता दें कि कांग्रेस भी प्लांट के डड्डूमाजरा में लगने का विरोध कर रही है।