चंडीगढ़। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं किसान नेता राकेश टिकैत वीरवार को सेक्टर-17 के नगर निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रेहड़ी-फड़ी वालों को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से कहा कि रेहड़ी फड़ी यूनियन की सभी मांगें मानी जाएं। जिस सेक्टर में सर्वे हुआ था उन्हें उसी जगह पर बैठाया जाए। वहीं, बीकेयू चंडीगढ़ के प्रधान कुलदीप कुंडू ने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांग नहीं मानता है तो जल्द ही किसान यूनियन बड़े आंदोलन का आह्वान करेगी। ट्रैक्टरों के साथ प्रदर्शन कर रेहड़ी फड़ी को दोबारा लगाया जाएगा। उन्होंने धरने पर बैठे रेहड़ी फड़ीवालों को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा कि ये लोग गांव और किसानी से ताल्लुक रखते हैं। रेहड़ी वाले घर-द्वार तक सामान लेकर आते हैं और सस्ता सामान बेचते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बड़ी-बड़ी कंपनियाें के लिए कानून बनाने जा रही है। इससे रेहड़ी- फड़ी और साप्ताहिक बाजार को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। इससे देश का हर नागरिक चिंतित है। नए लेबर कानून के विरोध में पूरे देश में आंदोलन होगा। इसमें युवा, बेरोजगार, कर्मचारी, महिला-पुरुष सभी साथ होंगे। टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार पॉलिसी लाने जा रही है। इससे साढ़े चार करोड़ लोग बर्बाद हो जाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की पॉलिसी से जो सहमत नहीं होगा, उसे काम और नौकरी नहीं मिलेगी। मुकदमे दर्ज होंगे। सरकार और उसकी एजेंसियां काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-फड़ी वाले आंदोलन को शांतिपूर्वक चलाएं और प्रशासन बात करें। बीकेयू का उन्हें समर्थन है। विकलांग के कोटे से जो जगह अलाॅट हुई है, उसकी जांच हो। डटे रहेंगे तो जीत होगी। किसान आंदोलन के दौरान हुए मुकदमों को सरकार ने वापस नहीं लिया है, प्रश्न के उत्तर में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकारों का काम झूठ बोलने का है। समझौते में सभी केस वापस करने थे। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के हरिंदर लखोवाल के अलावा रवि आजाद, रविंदर विर्दी, सोनू मालपुरिया, सर्वेश यादव सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।