वैज्ञानिकों के मुताबिक जयंती की आयु छह माह है। यह मई व जून में व्यस्क होते हैं। यह गुफाओं में ही पाए जाते हैं, बाहर नहीं निकलते। गुफाओं में तापमान 23 से 27 डिग्री के मध्य रहता है, यह उस तापमान को बनाए रखने में भी मदद करते हैं। ईको सिस्टम बनाए रखने में इनका बड़ा हाथ है। टीम का कहना है कि इस तरह के झींगुर की 11 प्रजातियां विश्वभर में हैं। इनमें से भारत में दो हैं। यह तीसरी प्रजाति अलग है और इसी के साथ विश्व में इस प्रकार के झींगुर की यह 12वीं प्रजाति बन गई। मालूम हो कि डॉ. रंजना जैसवारा ने इससे पहले बांसुरी की आवाज निकालने वाले झींगुरों को ढूंढा था।
झींगुर की 12वीं दुर्लभ प्रजाति छत्तीसगढ़ की गुफाओं में पाई गई है। इसका नाम जयंती रखा गया है। इसके संचार करने के तरीके पर शोध चल रहा है, जिसके जरिए हियरिंग एड आदि बनाए जा सकेंगे। - डॉ. रंजना जैसवारा, डीएसटी इंस्पायर फैकल्टी, जंतु विज्ञान विभाग