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गुरदासपुर: स्कूल के बाहर खड़ी गाड़ी पर लिखा कार बम, रख दीं रेत की बोरियां, पढ़ें पूरा मामला

Sat, 01 Feb 2020 01:29 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर ( पंजाब)
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खड़ी गाड़ी पर लिखा कार बम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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सिविल लाइन में सेना की कार्रवाई से शहर में दहशत का माहौल बन गया। सेना ने बिना जांच किए एक निजी स्कूल के बाहर खड़ी गाड़ी को कार बम समझ लिया। पुलिस को सूचित नहीं किया और बिना छानबीन के उस पर कार बम लिख दिया। सेना ने कार के आसपास बोरियां रख दीं। मामला लिटिल फ्लावर कान्वेंट स्कूल का है। 

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सुबह करीब साढ़े दस बजे लिटिल फ्लावर कान्वेंट स्कूल के बाहर कोई व्यक्ति कार खड़ी कर स्कूल में चला गया। करीब 20 मिनट तक कोई नहीं आया तो सेना के जवानों ने उसे आतंकी साजिश का हिस्सा मान लिया। इस संबंध में कार्रवाई करते हुए कार के इर्द गिर्द रेत और मिट्टी की बोरियां खड़ी कर उस पर कार बम लिख दिया। 

लोगों से सूचना मिलने पर डीएसपी सुखपाल सिंह तुरंत फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। जब सेना की ओर से अगली कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी तभी कार का मालिक कार लेने के लिए आ पहुंचा। कार का मालिक कोई और नहीं, बल्कि स्कूल में एक बच्चे का पिता निकला, जो खुद भी फौजी है। व्यक्ति ने बताया कि उसका लड़का लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ता है। स्कूल जाने के बाद उसे स्कूल स्टाफ की तरफ से फोन आया कि उसके लड़के की तबीयत ठीक नहीं है। जिसके चलते वह अपने बेटे को स्कूल में देखने के लिए आया था। 

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इस संबंध में डीएसपी सुखपाल सिंह ने भी कहा कि कार पर बम लिखे जाने और बोरियां रखे जाने से पहले सेना को चाहिए था कि पुलिस को मौका दिखाया जाता। ताकि पुलिस अपने स्तर पर जांच पड़ताल करती। पुलिस ऐसे मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह समर्थ है।

लोगों का आरोप नियमों के नाम पर करते हैं परेशान
गौरतलब कि सिविल लाइन इलाके में कुछ हिस्से में फौज तैनात है। इस इलाके में बीते कुछ महीनों से काफी सख्ती की जा रही है। बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने वालों अभिभावकों तक को काफी परेशानी होती है। रात के समय 9 से सुबह सात बजे तक इस इलाके की सड़कों के आवागमन पर पाबंदी लगा रहती है। लोगों का कहना है कि सेना सड़क पर बाड़े लगाकर अतिक्रमण कर रही है। जबकि यह पब्लिक सड़क है।  

लोगों ने बताया कि सेना के इस रवैये से वह काफी परेशान हैं। बच्चों को करीब आधा किलोमीटर दूर गाड़ी लगाकर पैदल एक किलोमीटर भारी बैग के साथ जाना पड़ता है। फौज बिना ट्रैफिक पुलिस कई बार कागज और कई बार हेलमेट चेक करना शुरू कर देती है। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्ज्वल से जब बात की गई थी तो उनका कहना था कि हम सभी को हेलमेट पहनना चाहिए लेकिन फौज कागज या हेलमेट की चेकिंग नहीं कर सकती। वह इस मामले को जल्द सुलझाएंगे।
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