समय पर विमान के उड़ान न भरने पर उपभोक्ता फोरम ने एयर इंडिया को सेवा में कोताही का दोषी पाया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के अध्यक्ष राजन देवान, सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू और प्रीति मल्होत्रा ने एयर इंडिया को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
शिकायतकर्ता गौतम सिंगल निवासी गुरुनानकपुरा सिविल लाइंस लुधियाना ने चंडीगढ़ स्थित एयर इंडिया कार्यालय और नई दिल्ली स्थित एयर इंडिया लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता गौतम सिंगल ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में कहा कि उन्होंने सेक्टर-34 स्थित एयर इंडिया कार्यालय से पांच रिटर्न एयर टिकट अपने परिवार के लिए 30 अप्रैल 2014 को नई दिल्ली से फ्रेंकफर्ट (जर्मनी) के लिए खरीदा।
यात्रा की तारीख 31 मई 2014 थी। विमान अपने निश्चित समय पर दोपहर बाद एक बजकर 45 मिनट पर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चला। लेकिन विमान के टायलेट के फ्लैश में खराबी आ गई। इसके बाद रास्ते से ही शाम पांच बजे विमान आईजीआई एयरपोर्ट पर वापस आ गया। सभी यात्री विमान में एक घंटे बैठे रहे।
इसके बाद उनसे कहा गया कि एयरपोर्ट के बाहर होटल जाने के लिए बसें खड़ी हैं। लेकिन वहां पर भी उन्हें तीन घंटे गर्मी और उमस में इंतजार करना पड़ा। वे साढ़े नौ बजे रात को होटल में पहुंचे। वहां उन्हें कहा गया कि सुबह साढ़े चार बजे विमान के लिए तैयार रहें। लेकिन होटल में भी उन्हें करीब चार घंटे इंतजार करना पड़ा।
एक जून को सुबह दस बजे फिर विमान ने उड़ान भरी। लेकिन दोबारा पहले दिन जैसी समस्या हो गई। टायलेट के फ्लैश में फिर खराबी आ गई। इस दौरान एक घंटा और विमान के अंदर ही बैठना पड़ा। विमान की देरी के कारण उन्हें फ्रेंकफर्ट के अन्य स्थानों पर जाने के लिए रेलवे का टिकट दोबारा लेना पड़ा।
एयर इंडिया ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि टायलेट के फ्लैश में खराबी के कारण विमान को रोकना पड़ा। टायलेट ठीक होने के बाद कमांडर ने विमान उड़ाने में असमर्थता जताई। सभी पैसेंजर्स के लिए होटल में बेहतर इंतजाम किया गया था। उन्होंने सेवा में कोताही नहीं बरती है। लेकिन फोरम ने उनकी इस दलील को मानने से इंकार कर दिया।