इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में पायनियर टोयोटा के दो कर्मचारियों को गोली मारकर 1.28 लाख नगद व 18 लाख का ड्राफ्ट लूटने 24 घंटे बाद भी पुलिस कोई अहम सुराग नहीं जुटा सकी।
अब तक पुलिस यह मानकर चल रही थी कि निसान एजेंसी की सीसीटीवी फुटेज से कुछ सुराग मिल सकता है, लेकिन वह भी हाथ से निकल गया।
जिस समय यह घटना हुई, उस समय दोपहर बाद करीब 4.30 बजे इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में बिजली गुल थी और सीसीटीवी भी बंद थे। अब पुलिस जीरकपुर, चंडीमंदिर टोल प्लाजा, बलटाना रेलवे क्रॉसिंग के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
घायल कर्मियों की हालत स्थिर
फायरिंग में घायल टोयोटा शोरूम के दोनों कर्मचारी दीपक और प्रदीप की हालत पीजीआई में स्थिर है। पुलिस के अनुसार, दीपक और प्रदीप पर पांच राउंड फायरिंग हुई थी, जबकि दो गोलियां मिसफायर हुई थी।
बैग में 25 लाख होने का था अनुमान
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कई दिनों से रेकी कर रहे अपराधियों को शायद इस बात का अंदाजा था कि शोरूम से टोयोटा फॉरच्यूनर की बिक्री से इकट्ठा हुए करीब 25 लाख रुपये इकट्ठा कर बैग में रखे गए हैं। कर्मचारी इसे ही सेक्टर-11 स्थित बैंक में जमा कराने के लिए जा रहे हैं। आशंका है कि इसे लूटने के इरादे ही उन्होंने फायरिंग की।
इटियोस सवारों ने की वारदात
पुलिस आशंका जता रही है कि इटियोस में सवार चार-पांच लुटेरे पहले भी लूट की दो वारदात को अंजाम दे चुके हैं।
- 3 अक्तूबर 2013 को इटियोस सवार लुटेरों ने अमरावती में पेट्रोल पंप कर्मियों ने 16 लाख रुपये लूटे थे।
- 21 जनवरी 2013 को भी इटियोस सवारों ने ही सेक्टर-12/14 की डिवाइडिंग रोड पर कैश कलेक्शन कंपनी के कर्मी से 17 लाख लूटे थे। इस घटना में भी अपराधियों ने कर्मी पर गोली चलाई थी।
सुरक्षा के नहीं हैं माकूल इंतजाम
शोरूम मालिकों और इंडस्ट्रियल एरिया में शोरूम संचालित करने वालों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र में रोजाना करोड़ों का कारोबार होता है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। आसपास की मुख्य मार्गों पर न तो सीसीटीवी कैमरे हैं और न ही नाके लगाए जाते हैं।
कोट्स
पुलिस को आशंका है कि इससे पहले भी हुई लूट की घटनाओं में भी इसी गैंग का हाथ था। फिलहाल पुलिस इस मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की छानबीन कर रही है, लेकिन पुख्ता सुराग नहीं मिला है।
-अश्विन शेणवी, डीसीपी