सरकार की ओर से की नोटबंदी के बाद भक्तों माता मनसा देवी के दरबार में भक्तों ने लाखों का चढ़ावा चढ़ाया। एक तरफ बैंकों में पुराने 500 एवं 1000 के नोट बदलने की अफरातफरी रही, वहीं माता के दरबार में पहुंचने वाले भक्तों ने श्रद्धापूर्वक चढ़ावे के तौर पर नोट चढ़ाए।
अकेले माता मनसा देवी के मंदिर में आठ नवंबर से 21 नवंबर तक श्रद्धालुओं ने 42 लाख रुपये से अधिक का चढ़ावा माता के चरणों में अर्पित किया। मंदिर के सीईओ वीजी गोयल ने बताया कि भारत सरकार की ओर से 500 एवं 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद भक्तों ने दरबार में 500 एवं 1000 के नोट के अलावा आभूषण भी चढ़ाए हैं।
माता के चरणों में चढ़ावा चढ़ाने वालों के न तो नाम चाहिए थे और न ही आधार कार्ड की जरूरत थी। बता दें कि नौ और दस को बैंक बंद होने के कारण दोनों दिन दान की पेटियां नहीं खोली गईं। जब 11 नवंबर को बैंक खुले तो पिछले दो दिन का चढ़ावा भी 11 को जारी किया गया।