अनिल विज ने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा को सीएमओ जसजीत कौर के निलंबन के आदेश जारी करने को कहा लेकिन पता चला है कि सीएमओ का निलंबन रुकवाने के लिए काफी दबाव डाला जा रहा है। चूंकि, सीएमओ मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बड़े अधिकारी की रिश्तेदार हैं। अभी तक सीएमओ के निलंबन के लिखित आदेश जारी नहीं हो पाए हैं।
अधिकारियों ने सीएमओ की पैरवी के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से संपर्क साधा और निलंबन आदेश वापस लेकर उनका तबादला करने की पैरवी की लेकिन विज अपने आदेश का अनुपालन कराने के लिए अड़े हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को अभी भी उम्मीद है कि विज अपने निलंबन के आदेश वापस लेने को राजी हो जाएंगे लेकिन उनके कड़े रुख से नहीं लगता कि वह मरीजों के इलाज में लापरवाही, मंत्री के आदेश की अनदेखी और लोगों से दुर्व्यवहार की शिकायतों को अनदेखा करेंगे।
अनिल विज के पास पंचकूला के सिविल अस्पताल में सफाई नहीं होने, टायलेट खराब रहने, मरीजों के लिए खाने का उचित बंदोबस्त नहीं होने व कोरोना से बचाव के लिए मरीजों के समुचित उपचार में तमाम खामियां होने की कई शिकायतें पहुंची हैं। सीएमओ अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए हर बार बचती रहीं।
तीसरी लहर की तैयारियों में लापरवाही बरतने वाले अफसर भी नपेंगे
कोरोना की दूसरी लहर में ही सीएमओ पर कार्रवाई की तैयारी हो गई थी। तब यह कहते हुए जसजीत कौर को बचा लिया गया कि इससे विभिन्न जिलों में काम करने वाले सीएमओ में गलत संदेश जाएगा। इस बार भी निलंबन की खबर तीन दिन तक दबाए रखी गई। अफसर निलंबन रुकवाने में जुटे रहे लेकिन विज पर दबाव का असर नहीं हुआ। उन्होंने तीसरी लहर की तैयारियों में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को साफ संकेत दे दिए हैं कि अगर लापरवाही बरती तो गाज गिरना तय है।