पंचकूला और मोहाली के लोगों का चंडीगढ़ के अस्पतालों में इलाज करने से पहले अब कोरोना निगेटिव रिपोर्ट देखी जाएगी। यह निर्णय शहर में तेजी से बढ़ते कोरोना के मरीजों की संख्या को देखते हुए लिया गया है। जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में इस नियम को लागू कर बिना टेस्ट कराए जाने वाले मरीजों को लौटा दिया जा रहा है।
जीएमएसएच-16 में शनिवार को नयागांव की एक गर्भवती महिला को इस नियम का हवाला देकर देखने से इनकार कर दिया गया। उसे कहा गया कि पहले अपने जिले के अस्पताल में कोरोना का टेस्ट करवाकर उसकी निगेटिव रिपोर्ट लेकर आए। उसके बाद ही यहां इलाज होगा। ऐसे में महिला को वापस लौटना पड़ा।
इस संदर्भ में अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि अगर कोई मरीज गंभीर रूप से बीमार है, तो उसे इमरजेंसी में भेजा जा रहा है। वहां पर प्रोटोकोल के तहत अन्य टेस्टों के साथ-साथ उसका कोरोना टेस्ट भी करवाया जा रहा है। जहां तक अन्य स्टेट के मरीजों के लिए कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य करने की बात है तो इसके लिए सरकार की गाइडलाइन है।
उसमें साफ तौर पर कहा गया है कि इंटर स्टेट कोई भी मरीज आता है तो उसका पहले कोरोना टेस्ट करवाओ और रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उसका इलाज किया जाए। गवर्नमेंट ने सरकारी अस्पतालों में फैल रहे कोरोना के मरीजों की संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया है। निगेटिव रिपोर्ट के साथ आए किसी भी मरीज का इलाज करने में हमें कोई समस्या नहीं है।