मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विपक्ष, किसानों के नाम से राजनीति न चमकाए। किसान भी राजनीतिक दलों के बहकावे में आकर आंदोलन न करें। केंद्र सरकार किसानों का हित चाहती है, उनकी आय दोगुना करने में लगी है।
सड़क पर धरना उचित नहीं, जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। वर्तमान आंदोलन से जनता के अधिकारों का हनन हो रहा है। ऐसे फरमान जारी नहीं करने चाहिए जिनसे किसानों का नुकसान हो। फसल उजाड़ना व दूध के दाम 100 रुपये करना अनुचित है।
किसानों को इतना न बहकाएं कि उनका आर्थिक नुकसान हो
उन्होंने कहा कि किसानों को इतना न बहकाएं कि आर्थिक तौर पर उनका नुकसान हो। फसल अच्छी होगी तो किसान को ही फायदा होगा और उपभोक्ताओं को अच्छा व उचित मूल्य पर खाद्यान्न मिलेगा। दूध जिस दाम पर बेचना है बेचें लेकिन उसे व्यर्थ न करें। पहले भी महंगे दामों पर दूध बेचने के वाकया हो चुके हैं। गलत फरमान जारी करने से अच्छा संदेश नहीं जाता।