हाईकोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई चुनाव की कवायद
पंजाब में पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद राज्य चुनाव आयोग (सीईसी) की तरफ से नौ दिसंबर को उक्त अधिसूचना जारी की गई। हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव को लेकर एक अवमानना याचिका पर हाल ही में सुनवाई करते हुए पंजाब के मुख्य चुनाव आयुक्त पर न सिर्फ 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था बल्कि एक हफ्ते में चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी न होने पर मुख्य चुनाव आयुक्त को जेल भेजने की चेतावनी भी दी थी।
दरअसल, हाईकोर्ट ने गत मई माह के दौरान पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि वह सरपंचों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद के खाली पड़े पदों पर चुनाव के बारे में 20 दिन के भीतर अधिसूचना जारी करे। सरकार ने भी तीन सप्ताह के भीतर चुनाव की घोषणा करने का भरोसा दिलाया तो हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर लिया। लंबा समय बीतने पर अवमानना याचिका दायर हुई तो हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपना लिया।
बीते मंगलवार सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सीईसी को 7 दिसंबर तक पंचायत चुनाव का पूरा शेड्यूल पेश करने को कहा। यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि इसे पेश करने में वे नाकाम रहे तो उन्हें खुद कोर्ट में पेश होकर जानकारी देनी होगी। आदेश के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ने कोर्ट में पंचायत चुनाव को लेकर पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने जवाब पर असंतोष जताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त पर 50 हजार जुर्माना लगा दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर अगली सुनवाई तक चुनाव का कार्यक्रम नहीं सौंपा गया तो वह जेल जाने के लिए तैयार रहें।
जनवरी तक है पंजाब की पंचायतों का कार्यकाल
पंजाब में जनवरी 2019 में ग्राम पंचायतों के चुनाव हुए थे और सरपंचों ने कार्यभार संभाला था। इन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल अब जनवरी 2024 में खत्म हो रहा है। नियमानुसार इससे पहले चुनाव कराए जाना जरूरी है लेकिन चुनाव कराने को लेकर बरती जा रही ढिलाई पर हाईकोर्ट के सख्त रवैये के बाद राज्य चुनाव आयोग ने प्रक्रिया तेज की है। पंजाब में पंचायतों की कुल संख्या 13,268 हैं, जिनमें चुनाव कराया जाना है।