पलसौरा बेबी मर्डर केस सुलझने की बजाय उलझता जा रहा है। आठ दिन बीतने पर भी पुलिस के हाथ कोई अहम ठोस सबूत नहीं लगे हैं।
परिवार से पूछताछ के बाद अब बच्ची के बैग और किताबों को भी खंगाला जा रहा है। रविवार को पुलिस ने बच्ची की कुछ किताबों और नोटबुक को भी देखा।
पुलिस का यह भी शक हो सकता है कि कहीं बच्ची ने किताबों या नोटबुक पर तो कुछ ऐसा न लिख दिया हो जो मौत के रहस्य को सुलझाने में मदद कर सके। बच्ची के मामा ने बताया कि कुछ नोटबुक भी पुलिस ने अपने पास रख ली हैं।
बच्ची के पिता ने बताया कि 27 नवंबर को वह काफी खुश लग रही थी। हर रोज वह स्कूल से लौटकर खाना खाते ही खेलने के लिए निकल पड़ती थी।
मां के कहने पर भी होमवर्क नहीं करती थी। जिस दिन अपहरण हुआ, उस दिन उसने स्कूल से आते ही पहले होमवर्क किया और उसके बाद बाहर निकली। उस दिन वह अपनी मां का कहना भी मान रही थी।
पढ़ाई में काफी होशियार थी
बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में बहुत होशियार थी। उसकी स्कूल की टीचर्स भी यही बताती थी। यहां तक की वह अपनी तीनों छोटी बहनों को भी खुद ही पढ़ाती थी।