द पुल ऑफ एन ओल्ड स्केर एनादर विंटर... स्टार्स एडरिफ्ट... द बिलव्ड वन हू लेफ्ट वन बाई वन। जापानी शैली हाइकू पर आधारित अरविंदर कौर की यह रचना यूटी गेस्ट हाउस चंडीगढ़ में सबको लुभा गई।
अरविंदर कौर के साथ ही चंडीगढ़ के नामचीन कवि और साहित्यकारों ने यहां अपनी रचनाएं सुनाई। इस कार्यक्रम को चंडीगढ़ साहित्य अकादमी ने आयोजित किया था।
इसमें बुक रीडिंग, लेखकों के साथ बातचीत और कविता पाठ सेशन का आयोजन किया गया। चंडीगढ़ साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित इस सेशन में हिंदी, पंजाब और उर्दू की कविताओं ने सबका दिल जीत लिया।
नीलजल की सोने मछलियां किताब की लेखिका पुनीता बावा ने अपनी कविता सुनाई। हरियाणा आर्चिव्स के डिप्टी डायरेक्टर राजवंती मान ने शेर सुनाए।
चंडीगढ़ के गवर्नमेंट कॉलेज की अध्यापिका अरविंदर कौर ने पंजाबी और अंग्रेजी में जापानी पद्धति हैकू से लिखी गई अपनी रचनाएं पेश की। नेशनल साहित्य अकादमी से जुड़े ब्रजेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि चंडीगढ़ साहित्य अकादमी का यह इवेंट लेखकों और साहित्यकारों को बड़ा मंच देने वाला है।
इस मौके पर ब्रजेंद्र त्रिपाठी ने अपनी कविताओं को भी सुनाया। गवर्नमेंट कालेज फार गर्ल्स सेक्टर-11 की अध्यापिका नील कमल पुरी ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मोह लिया। सीनियर आईपीएस अधिकारी राजबीर देसवाल ने भी कविता पाठ किया।
अनुरुद्ध भट्टाचार्य ने स्लिम कलेक्शन का पाठ किया गया। निरुपम दत्त ने यहां अंग्रेजी और पंजाबी में लिखीं अपनी कविताएं सुनाईं। इस मौके पर चंडीगढ़ साहित्य अकादमी की चेयर पर्सन मंजू जैदका ने कहा कि यह इवेंट युवा साहित्यकारों के लिए बेहतर है।