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पाकिस्तान से आ रहे भारतीयों को फोन, कहते हैं- ‘हैलो, मैं असलम बोल रहा हूं, व्हाट्सएप ग्रुप बनाओ’

Mon, 04 Mar 2019 11:12 AM IST
खुशबू गोयल विकास मल्होत्रा, अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
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phone call
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पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों ने भारतीयों को अपने जाल में फंसाने के लिए नया ताना-बाना बुना है। इसके लिए वे भारतीयों को फोन कॉल कर रहे हैं। इसमें वे उनसे व्हाट्सएप ग्रुप बनाने को कह रहे हैं और इसके बदले में राजधानी दिल्ली में बैठे उनके साथियों से लाखों रुपये लाने की बात कह रहे है।
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फोन करने वाले ने एक बार नहीं बल्कि एक ही व्यक्ति को दो बार व्हाट्सएप कालिंग की और ग्रुप बनाने के लिए कहा। इतना ही नहीं कॉल करने वाले ने यह भी कहा कि वह जो नंबर देगा, उसी नंबर को ग्रुप में शामिल किया जाए। फोन आने पर मनियारी की दुकान चलाने वाला व्यक्ति पूरी तरह से डर गया और पुलिस के पास शिकायत करने गया, लेकिन थाना डाबा की पुलिस ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों के पास जाए।

पाकिस्तान के नंबर से अकसर फेक कॉल आती रहती हैं। अब ग्रुप बनाने वाली बात सामने आई है। अभी तक इसकी शिकायत उनके पास आई नहीं है। शिकायत मिलने के बाद जांच कराई जाएगी। थाना डाबा के मुलाजिमों की ओर से शिकायत दर्ज न करने के बारे में भी जांच की जाएगी।
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- अश्वनी कपूर, डीसीपी, लुधियाना
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ऐसे आई कॉल और की गई ये बात

डाबा लोहारा रोड के न्यू सुंदर नगर में घर के पास ही मनियारी की दुकान चलाने वाले राकेश गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को वह अपनी दुकान पर बैठा था। इसी दौरान उसे एक व्हाट्सएप कॉल आई, जिस पर बाहर का नंबर शो कर रहा था। जब उसने फोन उठाया तो सामने से व्यक्ति ने बोला कि वह पाकिस्तान से असलम बोल रहा है। उसने कहा कि वह एक नाम और नंबर नोट करे।

इसके बाद उस व्यक्ति ने कहा कि वह व्हाट्सएप पर एक ग्रुप बनाए और दिल्ली जाकर इस व्यक्ति से मिलकर 25 लाख रुपये ले लाए। राकेश ने फोन करने वाले से कहा कि वह कोई ऐसा वैसा व्यक्ति नहीं है। उसने कोई गलत नंबर मिला दिया है। इसके बाद राकेश ने फोन काट दिया। कुछ समय बाद फिर कॉल आई और व्यक्ति बोला कि उसने सही नंबर मिलाया है।

उसके बाद पाकिस्तानी ने कोड वर्ड में बातें करनी शुरु कर दी और कहा कि वह दिल्ली जाकर पैसे ले आए और बाकी बात बाद में करेंगे। राकेश कुमार ने बताया कि जब उसे दूसरा फोन आया तो वह घबरा गया। राकेश ने कहा कि जब वह थाने बैठा था तो उसे एक बार फिर फोन आया। उसने मुलाजिमों से बात करने को कहा, लेकिन किसी ने नहीं की।
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