शाहरुख के प्रति उसके प्रेम को देखकर सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों के चेहरों पर भी मुस्कराहट आ गई। इससे पहले अमृतसर सेंट्रल जेल के अधिकारी कड़ी सुरक्षा के बीच अब्दुलाह को अटारी सीमा पर स्थित इंटरग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) के इमीग्रेशन अधिकारियों के सामने पेश किया गया। जहां उसकी रिहाई के दस्तावेज सौंपे गए। सभी औपचारिकता पूरी करने के बाद उसे सीमा सुरक्षा बल को सौंप दिया गया। बल ने अब्दुलाह को पाकिस्तान रेंजर के कमांडेंट को सौंप दिया।
अब्दुलाह मई 2017 में पाकिस्तान वाघा सीमा पर रिट्रीट समारोह देखने के बाद भारतीय पिलर को क्रास कर इस पार आ गया था। बीएसएफ के जवानों ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। पाकिस्तान रेंजर ने बल अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर कहा था कि अब्दुलाह मानसिक रोगी है, उसे छोड़ दिया जाए। अधिकारियों ने रेंजर ऑफिसर्स की बात मानने से इंकार कर दिया था। उसे अमृतसर अदालत ने छह महीने की सजा सुनाई थी। 15 अगस्त 2017 को पाकिस्तान दूतावास ने अब्दुलाह के पाकिस्तानी होने की पुष्टि की थी।