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इमरान खान ने निभाई सिद्धू से दोस्ती, अकाली दल समेत विरोधियों ने साधी चुप्पी

Sat, 08 Sep 2018 10:39 AM IST
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Navjot Singh Sidhu - फोटो : फाइल फोटो
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पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम इमरान खान ने आखिर अपने पुराने क्रिकेटर साथी और पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू की इज्जत रख ली। पाकिस्तान के विदेश मंत्री फवाद चौधरी द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर कॉरीडोर खोलने के एलान के साथ ही सिद्धू विरोधियों का मुंह बंद हो गया है। इमरान की ताजपोशी में जाने और वहां पाक सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा से गले मिलने के बाद सिद्धू विरोधियों के निशाने पर थे। 
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सभी विपक्षी पार्टियों ने सिद्धू की निंदा की थी। इतना ही नहीं, कांग्रेस के अंदर भी उन्हें विरोध झेलना पड़ा था। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाक जाने, वहां बैठने को सही ठहराते हुए कहा था कि सिद्धू को जनरल बाजवा से गले नहीं मिलना चाहिए था। सिद्धू ने दलील दी थी कि जनरल बाजवा ने उन्हें भरोसा दिया कि करतारपुर कॉरीडोर खोल दिया जाएगा। खुशी के उस भाव में उन्होंने जनरल बाजवा को गले लगा लिया। लेकिन किसी ने भी सिद्धू की इस बात पर यकीन नहीं किया था।

 अब जनरल बाजवा ने फिर बयान दिया कि भारतीय पीठ में छुरा भोंकते हैं, तो एक बार फिर मीडिया ने सिद्धू की बाजवा से गले मिलते हुए की तस्वीरें निकाल ली थीं। लेकिन पाकिस्तान के पीएम इमरान खान सिद्धू के लिए मसीहा बन कर आए। पाक विदेश मंत्री फवाद चौधरी ने शुक्रवार को बयान जारी किया कि पीएम ने करतारपुर कॉरीडोर को लेकर सभी संबंधित पक्षों से बात की है। पाक सरकार श्री गुरु नानक देव जी के 550वें गुरु पर्व पर कॉरीडोर खोलेगी।
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 संगतों को बिना वीजे के दर्शन करवाए जाएंगे। इसने सारी सियासत बदल दी। सिद्धू विरोधियों ने तो चुप्पी साध ली। वहीं, अगर वाकई पाकिस्तान अपनी बात पर कायम रहा तो सियासत में और बदलाव आएगा। कॉरीडोर खोलने का मुद्दा 1947 से चल रहा है। लेकिन सिद्धू के पाक दौरे के बाद अगर यह संभव हुआ तो सारा क्रेडिट सिद्धू को ही मिलेगा। ऐसे में दुनिया भर के सिखों में सिद्धू की छवि बनेगी। कांग्रेस और पंजाब की सियासत में भी उनका कद बढ़ेगा।

अकालियों ने साधी चुप्पी
शिरोमणि अकाली दल ने पाक विदेश मंत्री के बयान के बाद पूरी तरह चुप्पी साध ली। दो दिन पहले शिअद प्रवक्ता मनजिंदर सिरसा ने बयान जारी कर सिद्धू को झूठा करार दिया था। सिरसा का कहना था कि पाकिस्तान सरकार के प्रवक्ता कह रहे हैं कि बाकी मसलों को छोड़ कर सिर्फ करतारपुर कॉरीडोर पर बात नहीं हो सकती। इससे साफ है कि सिद्धू झूठ बोल रहे थे। उन्होंने एक कदम आगे बढ़ कर पाक सरकार से अपील कर दी थी कि सिद्धू से अलग कॉरीडोर खोलने को लेकर अकाली दल की अपील पर विचार किया जाए। लेकिन शुक्रवार को सभी अकाली नेताओं ने मुंह बंद कर लिए।
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