जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से बौखलाए पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच एक पुल का काम कर रही पंज-आब एक्सप्रेस के पहियों पर ब्रेक लगा दिया है। पाकिस्तान वाघा टर्मिनल के एक अधिकारी ने कहा कि इस बस की सर्विस समाप्त कर दी गई है। इसलिए अब इस बस को लेकर पाकिस्तान न आए।
पंज-आब एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह अपने निर्धारित समय साढ़े नौ बजे इंटरनेशनल बस टर्मिनल से कड़ी सुरक्षा के बीच पाकिस्तान के लिए रवाना हुई थी। हालांकि बस में कोई भी यात्री सवार नहीं था। ड्राइवर बस को पाकिस्तान वाघा सीमा पर बनाए गए बस टर्मिनल में लेकर गया। वहां टर्मिनल के एक अधिकारी ने उसे पाकिस्तान पर्यटन विभाग के एमडी का आदेश सुना दिया कि बस की सर्विस समाप्त कर दी गई है। जब भारतीय बस के ड्राइवर हरजिंदर सिंह ने उनसे लिखित नोटिस देने के लिए कहा, तो पाकिस्तान टर्मिनल इंचार्ज ने कहा कि जल्दी ही भारत सरकार को इस संबंध में लिखित जानकारी दे दी जाएगी।
हरजिंदर सिंह के अनुसार, अब यह बस मंगलवार को पाकिस्तान रवाना होनी है। इससे पहले यदि पाकिस्तान की ओर से लिखित आदेश जारी हुआ या भारत सरकार ने इस बस को पाकिस्तान ले जाने से मना किया तब यह बस नहीं जाएगी। वरना, वह इस बस को निर्धारित समय सारणी के अनुसार पाकिस्तान लेकर जाएंगे चाहे बस को अटारी सीमा पर ही रोकना पड़े। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जरनल परवेज मुशर्रफ के बीच समझौते के तहत अमृतसर-लाहौर-ननकाना साहिब के तक बस चलाई जा रही है।
दिल्ली से लाहौर दो और लाहौर से दिल्ली तीन यात्री आए
पाकिस्तान सरकार द्वारा समझौता एक्सप्रेस बंद करने की घोषणा के बावजूद दोनों देशों के बीच चलने वाली सदा-ए-सरहद बस को सवारियां नहीं मिल रही हैं। शनिवार को दिल्ली से चलने वाली इस बस से केवल दो यात्री ही लाहौर के लिए रवाना हुए जबकि लाहौर से दिल्ली आने वाली बस में तीन यात्री ही सवार थे। वहीं, शुक्रवार सुबह सदा-ए-सरहद बस से 34 यात्री लाहौर रवाना हुए। इन यात्रियों में 12 भारतीय थे। सूत्रों के अनुसार काफी दिनों बाद इतनी संख्या में भारतीय इस बस से लाहौर गए।
भारत के 13 अधिकारियों ने इस्लामाबाद छोड़ा
पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास के 13 अधिकारियों ने शनिवार सुबह इस्लामाबाद छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार यह 13 अधिकारी सड़क सीमा से पाकिस्तान वाघा से वतन लौटेंगे।