पाक प्रधानमंत्री इमरान खान
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वहीं परचून बाजार में इसका दाम अब बढ़कर 250 रुपये तक हो गया। भारत में सबसे ज्यादा छुहारा पाकिस्तान से आता है और इसका सालाना कारोबार करीब 110 करोड़ रुपये है। अमृतसर से मुख्य रूप से इसकी आवक होती है। 2015-16 के दौरान आईसीपी के जरिए पाकिस्तान से 2414.08 करोड़ रुपये, 2017-18 में 3403.95 करोड़ और चालू वर्ष 2018-19 में नवंबर 2018 तक पाकिस्तान से 2471.72 करोड़ रुपये का सामान आयात किया गया। जिसमें ज्यादातर पाकिस्तानी सीमेंट, जिप्सम के अलावा छुहारा प्रमुख थे।
दरअसल, पाकिस्तान एशिया में एकमात्र ऐसा देश है जो बडे़ स्तर पर छुहारे की खेती करता है और दुनिया भर में छुहारे उत्पादन के मामले में ये 5 वे नंबर पर आता है। इसकी सबसे ज्यादा खेती मिस्र में होती है पाकिस्तान में सिंध में सबसे ज्यादा छुहारे का उत्पादन होता है क्योंकि वहां का मौसम इस खेती के लिए अनुकूल है। पाकिस्तान से छुहारे का आयात बंद हुआ तो कारोबारियों ने अब ईराक का रूख कर लिया है। वहां का छुहारा 150 रुपये प्रति किलो से कम पर बिक रहा है।
भारत व पाक संबंधों में तनाव कम होता न देखकर ईराक व अन्य खाड़ी देशों से भारत में छुहारे के लिए मुंह खोल दिए हैं। छुआरा आयात एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मेहरा का कहना है कि पाकिस्तानी छुहारा काफी सस्ता था, वह तो सिर्फ 60 रुपये किलो आ जाता था इसलिए इराकी छुहारे को लोग व कारोबारी तवज्जों नहीं देते थे लेकिन 200 फीसदी ड्यूटी लगने से ईराकी छुहारे की कीमत कम हो गयी और पाकिस्तान छुहारे की अधिक। इसलिए ईराकी छुहारा मार्केट में पैर पसार रहा है।