पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में हुई पत्थरबाजी के मामले को सुलझाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला को आगे किया है। वहीं गुरुद्वारे के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा दोगुनी कर दी गई है। करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण के बीच भारत सरकार की आपत्ति के बाद पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और इवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) ने गोपाल चावला के लिए सभी दरवाजे बंद कर दिए थे।
अब श्री ननकाना साहिब की घटना के बाद विवाद सुलझाने के लिए सोमवार को गुरुद्वारे के परिसर में हुई बैठक में गोपाल चावला वहां आने वाले अधिकारियों का स्वागत करता दिखा। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इससे गोपाल चावला विश्व भर के सिखों को यह संदेश देने का प्रयास कर रहा है कि वह ही पाकिस्तान के सिखों का नेता है। पाकिस्तान सरकार भी एक साजिश के तहत भारत विरोधी सिख चेहरे को इस मामले में एक मोहरे के तौर पर प्रयोग करती दिख रही है।
माहौल बिगड़ने से रोकने के लिए बैठकों का आयोजन
स्थानीय सिखों में विश्वास बहाल करने के लिए मौलवियों और अन्य धार्मिक नेताओं की रविवार को बैठक हुई थी। इसके एक दिन बाद सोमवार को पाकिस्तान के वरिष्ठ नागरिकों, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मुस्लिमों व सिख संगठनों के साथ एक बैठक का आयोजन किया। बैठक गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब परिसर में हुई।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में लाहौर डिवीजन के कमिश्नर सैफ अंजुम, क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी शेखुपुरा के फारूक मजहर, डीसी ननकाना साहिब राजा मंसूर, जिला पुलिस अधिकारी ननकाना साहिब इस्माइल उर रहमान और अन्य लोग पहुंचे। उन्होंने स्थानीय सिखों के साथ बातचीत की। इस बैठक में चावला भी मौजूद था। सूत्रों ने बताया कि भारत के विरुद्ध जहर उगलने वाले पाकिस्तान के फायर ब्रांड मौलवी संगठित होकर इस प्रकार की और घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने और माहौल बिगड़ने से रोकने के लिए ही बैठकें आयोजित की जा रही हैं।