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साजिश : भारत में फिर आंतकी घुसपैठ की फिराक में पाकिस्तान, अब लश्कर को सौंपी जिम्मेदारी 

Thu, 02 Dec 2021 04:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा मनन सैनी, गुरदासपुर

सार

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि कहीं स्लीपर सेल एक्टिवेट तो नहीं कर चुका पाकिस्तान।
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demo pic - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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पाकिस्तान इस बार फिर बड़ी साजिश रचते हुए भारत में पंजाब के जरिए आंतकी घुसपैठ की फिराक में है। इस संबंध में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई ने आंतकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को घुसपैठ करने का जिम्मा सौंपा है। खुफिया सूत्रों की मानें तो करतारपुर कॉरिडोर के आसपास के इलाकों के जरिए इस घुसपैठ को अंजाम दिया जा सकता है। जिसके बाद आंतकी गुरदासपुर एवं पठानकोट में कोई बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते है। 

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सूत्रों के अनुसार केंद्रीय खुफिया टीम की ओर से इस संबंध में अलर्ट जारी कर दिया है। इस संबंध में पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं। बीएसएफ के जवान सरहद पर बाज सी निगाहें गाढ़े सीमा पर पैनी निगाहें रख रहे हैं। पंजाब पुलिस की ओर से भी रात की गश्त व नाकों में बढ़ोतरी की गई है और चप्पे चप्पे पर निगाह रखी जा रही है। गुरदासपुर पुलिस के हाथ सफलता भी लगी।   

खुफिया सूत्रों के अनुसार लश्कर- ए- तैयबा ने करीब 4 से 5 आंतकवादियों को घुसपैठ करवाने की साजिश रची है। वह गुरदासपुर एरिया में पड़ते इलाके से भारत में प्रवेश कर सकते है। इस बार उनका रास्ता करतारपुर कारिडोर के समीप वाला इलाका हो सकता है। सूत्रों के अनुसार पुलिस के बड़े अधिकारियों ने एसएसपी बटाला को जानकारी विकसित करने के लिए तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग करने संबंधी कहा है। 
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इससे पहले 27 जुलाई 2015 को दीनानगर में आंतकवादी हमला और जनवरी 2016 में पठानकोट के एयर बेस पर आंतकियों ने नरोट जैमल सिंह एरिया के रास्ते से ही धुसपैठ कर आंतकी वारदात को अंजाम दिया गया था। हालाकि आंतकी किस रास्ते से कैसे घुसे यह अभी तक सवाल बना हुआ है। हाल ही में 22 नवंबर 2021 को पठानकोट में भारतीय सेना के त्रिवेणी द्वार पर ग्रनेड़ का फेंका जाना, गुरदासपुर के भैणी मिआँ खाँ इलाके से रिकवरी के दौरान ग्रेनेड मिलना तथा बुधवार को दीनानगर के दबुर्जी इलाके में 900 ग्राम आरडीएक्स तथा 3 डेटोनेटर का मिलना पाकिस्तानी तस्करों और अलगाववादियों की ओर से अपने स्लीपर सैल को एक्टीवेट करने संबंधी शक पैदा करता है। 

पुलिस अधिकारियों सहित उच्च अधिकारी अभी तक इस संबंधी चुप्पी धारण किए है तथा आधिकारिक तौर पर कुछ भी बताने से इंकार कर रहे है। परन्तु पुलिस की ओर से बरती जा रही सतर्कता में ओर अधिक इजाफा किया है। पुलिस की ओर से बढ़ाई गई चौकसी ने लोगों के कान खड़े कर दिए है। बीएसएफ के डीआईजी प्रभाकर जोशी ने बताया कि सीमा पर जवान पहले ही मुस्तैद रहते है तथा किसी भी प्रकार की घुसपैठ रोकने में पूरी तरह तैयार है। उनका कहना था कि जवानों की ओर से हर वक्त सरहद पर पैनी नजर रखी जाती है ओर रात के वक्त सरहद के समीप आने वाले किसी भी व्यक्ति को सीधा गोली मारने के निर्देश है।

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