ये है विवाद
दरअसल पंजाब की तरफ से भाखड़ा नहर का पानी हरियाणा जाने से रोक दिया गया है। इसकी वजह से दोनों राज्यों के बीच में आपसी तनाव बढ़ गया है। हरियाणा सरकार पंजाब के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी भी कर रही है। ऐसे में राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के कार्यक्रम में सबकी नजर दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री पर थी। यहां दोनों के बीच की तल्खी और दूरी नजर आई।
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भाषण के दाैरान नहीं लिया हरियाणा सीएम का नाम
अपने संबोधन के दाैरान भगवंत मान ने कहा कि इश्क करना सबका पैदाइशी हक है क्यों ना इस बार वतन की सरजमीं को महबूब बना लिया जाए। भगवंत मान ने कहा कि लोग कहते हैं कि जिंदा रहे तो फिर मिलेंगे लेकिन मेरा कहना है कि मिलते रहेंगे तो जिंदा रहेंगे।
हालांकि उन्होंने भाषण में हरियाणा के सीएम को इग्नोर किया। मान ने कहा कि किसी को कोई सलाह लेनी है तो जब चाहे मिल ले। हमारे दरवाजे खुले हैं। पंजाब के राज्यपाल गुलाब सिंह कटारिया के दरवाजे खुले हैं, हरियाणा के राज्यपाल के दरवाजे खुले हैं। इस दाैरान मंच पर बैठे हरियाणा के सीएम का नाम मान ने नहीं लिया।
हालांकि कार्यक्रम समाप्ति के बाद दोनों मुख्यमंत्री मंच पर लोगों के भीड़ में महज कुछ सेकेंड के लिए एक दूसरे से औपचारिक बातचीत करते दिखे।
बल्ला घुमाओ नशा भगाओ का नारा
राज्यपाल ने इस दौरान बल्ला घुमाओ नशा भगाओ का नारा लगवाया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने राज्यपाल और चंडीगढ़-पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों की भी तारीफ की। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह लोग नशे के खिलाफ इतना सख्त हैं कि लोगों का मकान तक गिरवा रहे हैं। 31 में तक नशा मुक्त अभियान सफल किया जाएगा।।