पंजाब सरकार ने सूबे के ग्रामीण इलाकों में जारी धान खरीद अचानक बंद करने का एलान कर दिया है। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के साथ खड़ी होने का दावा करने वाली पंजाब सरकार ने मंगलवार को सैकड़ों खरीद केंद्रों को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया।
ऐसे में स्थानीय मंडियों में अपनी फसल लेकर पहुंचे किसान संकट में घिर गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, धान खरीद लक्ष्य से अधिक होने के कारण यह फैसला लिया गया है। इस बीच, सरकार के इस फैसले का किसान संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है।
राज्य सरकार की ओर से सूबे के सभी यार्डों, खरीद केंद्रों और अन्य स्थानों पर धान की मौजूदा फसल की खरीद-फरोख्त, स्टोरेज और प्रोसेसिंग कारोबार पर रोक लगा दी है। हालांकि मुख्य यार्डों पर यह काम जारी रहेगा। राज्य में मुख्य यार्ड शहरों में या शहरों से सटे इलाकों में हैं। ये ग्रामीण इलाकों से काफी दूर हैं। उल्लेखनीय है कि पंजाब में ऐसा पहली बार हुआ है।
पंजाब मंडी बोर्ड के मुख्य सचिव रवि भगत ने विभिन्न जिलों के मुख्य अधिकारियों और मार्केट कमेटियों के सचिवों को इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। अब जिलों में अधिकारियों की ओर से किसानों को कहा जा रहा है कि वे अपनी फसल मुख्य यार्डों पर ले जाएं।
धान खरीद के लिए पंजाब में बनाए गए थे 4019 खरीद केंद्र
पंजाब में धान खरीद का सीजन हर साल एक अक्तूबर से शुरू होता है। इस बार मंडियों में धान की फसल जल्दी पहुंचने के कारण केंद्र सरकार ने पंजाब को 26 सितंबर से ही धान खरीद शुरू करने की अनुमति दे दी थी।
राज्य में कुल 4,019 खरीद केंद्र बनाए गए थे। इनमें 152 मुख्य यार्ड, 283 सब यार्ड, 1436 खरीद केंद्र, 524 अस्थायी यार्ड और 1624 मिलें शामिल हैं। इन खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 4500 करने का भी फैसला किया गया था।
तय लक्ष्य से कहीं ज्यादा मात्रा में खरीदी गई धान
केंद्र सरकार ने इस सीजन में साधारण किस्म की धान के लिए एमएसपी 1,868 रुपये प्रति क्विंटल और ए ग्रेड के लिए 1,888 रुपये प्रति क्विंटल तय की है। केंद्र ने पूरे देश में 495.37 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें से पंजाब में 113 लाख टन धान खरीदा जाना था।
पंजाब सरकार ने सूबे में धान की पैदावार को देखते हुए 174 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य रखा था। इसके बावजूद सोमवार तक राज्य में 204 लाख टन धान खरीदा जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक अब इसके भंडारण और फसल की अदायगी में दिक्कत आ रही है।
आरबीआई ने पंजाब के लिए 30 नवंबर तक बढ़ाई सीसीएल अवधि
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने धान खरीद के जारी सीजन को देखते हुए पंजाब के लिए नकद कर्ज सीमा (सीसीएल) की अवधि में दूसरी बार विस्तार करते हुए इसे नवंबर के आखिर तक बढ़ा दिया है। इस तरह यह सीमा अब बढ़कर 44,028 करोड़ रुपये हो गई है। इस तरह पंजाब सरकार नवंबर के अंत तक किसानों से धान खरीद सकती है।