वीडियो में ऐसा दृश्य भी दिखा, जिसे सभ्य समाज सार्वजनिक रूप से देखने की इजाजत नहीं देता। बता दें कि इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दर्शन, नैतिक मूल्यों और वर्तमान परिस्थितियों के साथ-साथ आयोजन की तैयारियों तथा भावी योजनाओं को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बातें साझा की थीं, लेकिन वीडियो देखने की लालसा में अभिमन्यु इन जानकारियों को हासिल करने से वंचित रह गए।
मोबाइल कैमरे के क्लिक से चेते गुरुजी, अभिमन्यु को किया चौकन्ना
कार्यक्रम के दौरान धर्मगुरु के साथ लगी वीआईपी चेयर पर बैठे जनाब की जब मोबाइल कैमरे से फोटो खींची तो मोबाइल क्लिक की आवाज कानों पर लगी लीड के कारण उन्हें सुनाई नहीं दी। चूंकि उक्त धर्मगुरु साथ ही बैठे थे और वे जान चुके थे किसी ने मोबाइल के मालिक को वीडियो के साथ कैमरे में कैद कर लिया है, लिहाजा उन्होंने अभिमन्यु को चौकन्ना करते हुए कान में कुछ कहा, जिसके बाद उन्होंने न केवल कानों से लीड निकाल ली,बल्कि मोबाइल वीडियो को बंद कर व्हाट्स एप मैसेज शुरू कर दिए।
मोबाइल ऑफ, सामने नहीं आ सका अभिमन्यु का पक्ष
इस प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद जब मुख्यमंत्री के पीए अभिमन्यु से उनका पक्ष जानने के लिए कॉल की गई तो उनका मोबाइल ऑफ मिला। उन्हें टेक्स्ट मैसेज के अलावा व्हाट्स एप भी किया गया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं आया। इसलिए उनका पक्ष सामने नहीं आ सका। जब भी उनका पक्ष सामने आएगा, उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।