जीएमएसएच 16, जीएमसीएच 32 व सेक्टर 48 कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट शुरू हो जाने से प्रत्येक अस्पताल में 30 से 40 प्रतिशत तक लिक्विड ऑक्सीजन की बचत होने की उम्मीद है। 24 घंटे के अंदर 60 प्रतिशत से ज्यादा लिक्विड ऑक्सीजन की बचत की जा चुकी है। डॉ़ मनजीत ने बताया कि जीएमसीएच 32 में मरीजों का दबाव ज्यादा होने के कारण बचत की क्षमता जीएमएसएच 16 की तुलना में कुछ कम है। लेकिन वहां भी इससे राहत मिलने लगी है।
एक मिनट में डेढ़ हजार लीटर से ज्यादा की आपूर्ति सुनिश्चित
तीनों अस्पतालों में लगाए गए ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट की मदद से 1 मिनट में डेढ़ हजार से ज्यादा लीटर ऑक्सीजन प्राप्त की जा सकती है। डॉ़ मनजीत ने बताया कि जीएमएसएच 16 में इस प्लांट से 500 लीटर प्रति मिनट, जीएमसीएच 32 में एक हजार व 48 कोविड अस्पताल में 100 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन जनरेट की जा रही है। ऐसे में 1 मिनट में लगभग डेढ़ हजार से ज्यादा लीटर ऑक्सीजन प्राप्त करना शुरू कर दिया गया है।
डॉ़ मंजीत ने बताया कि सरकार ने कोविड-19 के मामलों को देखते हुए पिछले दिनों और प्लांट लगाए जाने संबंधी प्रस्ताव मांगा था। जिसे गंभीरता से लेते हुए चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने मनीमाजरा , सेक्टर 22, सेक्टर 45 के सिविल अस्पताल में प्लांट लगाने संबंधी प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें मनीमाजरा में 100, सेक्टर 22 में 200 और सेक्टर 45 में 100 एलपीएम की क्षमता वाले प्लांट की मांग की गई है।
चंडीगढ़ में ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। क्योंकि स्वास्थ विभाग ने ऑक्सीजन जनरेटर की सुविधा शुरू कर के डिमांड से ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने में सफलता प्राप्त कर ली है। इसके बल पर सरकारी अस्पतालों के साथ ही अगर निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हुई तो उसे भी चंद मिनटों में दूर कर लिया जाएगा। डॉ़ मनजीत सिंह, ऑक्सीजन के स्टेट नोडल ऑफिसर