प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉकडाउन को आखिरी विकल्प बताने के बाद अब यूटी प्रशासन ने वीकेंड लॉकडाउन को हटाने का फैसला लिया है। कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पिछले हफ्ते वीकेंड लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया था।
इसके तहत शुक्रवार रात आठ बजे से लेकर सोमवार सुबह पांच बजे तक लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध था। अब इसे हटा दिया गया है। हालांकि नाइट कर्फ्यू रात दस बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक लगेगा। वीकेंड लॉकडाउन के खिलाफ शहर के कई संगठन लगातार प्रदर्शन भी कर रहे हैं। व्यापारी संगठनों के साथ कई राजनीतिक दल भी इसके विरोध में उतर आए थे।
सूत्रों का कहना है कि कोरोना के लगातार केस बढ़ने पर केंद्रीय अधिकारियों ने यूटी प्रशासन को सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। उसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने वीकेंड लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। इस घोषणा के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राज्य सरकारों से कहा कि लॉकडाउन आखिरी विकल्प होना चाहिए। उसके बाद से प्रशासन बैकफुट पर था। ऐसे में माना जा रहा है कि चंडीगढ़ प्रशासन वीकेंड लॉकडाउन हटाने पर फैसला ले सकता है। उसके बाद शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन की बैठक हुई और लॉकडाउन हटाने का फैसला लिया गया।
ट्राइसिटी में एक दिन में रिकॉर्ड 2094 संक्रमित, 13 की मौत
चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में गुरुवार को रिकॉर्ड 2094 नए संक्रमित मिले। एक दिन में मिलने वाले संक्रमितों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 18 अप्रैल को ट्राइसिटी में 2013 संक्रमित मिले थे। गुरुवार को चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला तीनों शहरों में रिकॉर्ड मरीज मिले। सबसे अधिक 931 मोहाली, 634 चंडीगढ़ और 529 लोग पंचकूला में संक्रमित पाए गए। वहीं, 13 मरीजों की मौत की पुष्टि की गई। मृतकों में चार चंडीगढ़, सात मोहाली और दो पंचकूला के रहने वाले थे।
संक्रमण दर 15.7 पर पहुंचा, बढ़ी चिंता
शहर में कोरोना की संक्रमण दर कम होने का नाम नहीं ले रही है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 6 से 12 अप्रैल के बीच संक्रमण दर 12.9 थी जो 13 अप्रैल से बढ़कर 15.7 पर पहुंच गई है। संक्रमण का बढ़ा हुआ स्तर लगातार स्थिर बना हुआ है। इससे स्वास्थ्य विभाग के साथ ही प्रशासन के चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।