चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में निर्माणाधीन 800 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) की क्षमता वाले दोनों ऑक्सीजन जनरेटर प्लांटों का काम पूरा हो गया है। देरी के बावजूद राहत की बात यह है कि दोनों प्लांटों से नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। एक हफ्ते में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद दोनों प्लांटों से ऑक्सीजन उत्पादन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पूरे देश में ऑक्सीजन की किल्लत हो गई थी। चंडीगढ़ में भी ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर परेशानी झेलनी पड़ी थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों के मद्देनजर केंद्र सरकार के निर्देश पर जीएमएसएच-16 और जीएमसीएच-32 में 800-800 एलपीएम के दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने थे। इन दोनों प्लांटों को 15 नवंबर 2021 तक पूरा हो जाना था, लेकिन समय रहते काम पूरा न हो सका। हालांकि प्रशासन भी उसे दिसंबर के दूसरे हफ्ते तक शुरू करने का दावा कर रहा था लेकिन दूसरी तिथि भी बिना प्लांट शुरू हुए ही निकल गई थी। तीसरी लहर के आकर चले जाने की स्थिति आ चुकी है। अब इन दोनों प्लांटों के शुरू होने की आस जगी है। दोनों प्लांटों के शुरू होने के बाद चंडीगढ़ में ऑक्सीजन की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा न के बराबर हो जाएगा।
यहां है इतनी ऑक्सीजन की व्यवस्था
पीजीआई: दो हजार एलपीएम
जीएमएसएच-16: 500 एलपीएम
जीएमसीएच-32: एक हजार एलपीएम
सेक्टर-48 अस्पताल: 100 एलपीएम