हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ओवर लोडेड वाहनों के विरुद्ध जुर्माना लगाने और अन्य कार्रवाई की मंजूरी दे दी है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने गुजरात पद्धति पर प्रदेश में प्रवेश स्थलों पर वेट ब्रिज (तोल-सेतु) लगाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि वाहनों की ओवर लोडिंग की समस्या पर अंकुश लगाया जा सके।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि ओवर लोडिंग की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए सड़क सुरक्षा पर सर्वोच्च न्यायालय की समिति के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए इस आशय का एक निर्णय लिया गया है। कुल वाहन वजन (जीवीडब्ल्यू) का 50 प्रतिशत तक ओवरलोड होने की स्थिति में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194 के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 114 के अनुसार परमिट पर ओवरलोड का निशान चिह्नित किया जाएगा। जब तक ओवरलोड नहीं हटाया जाएगा, वाहन को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, तीन महीने तक निलंबन और ड्राइविंग लाइसेंस को कब्जे में लेने का भी प्रावधान है।
कुल वाहन वजन का 50 प्रतिशत से अधिक लोड होने की स्थिति में इन शर्तों के अलावा ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की अवधि 6 महीने तक होगी। सार्वजनिक संपत्ति के नष्ट होने से रोकथाम करने के अधिनियम, 1984 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की जाएगी। धारा 53 के अंतर्गत पंजीकरण प्रमाणपत्र भी एक महीने तक निलंबित कर दिया जाएगा।