शहरवासियों को सुविधाएं मिलें इसके लिए नगर निगम ने शहर की सभी पेड पार्किंग के रिजर्व प्राइस आधे किए, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। पेड पार्किंग में जमकर वायलेशन हो रही है। सुखना लेक सहित कई प्रमुख पेड पार्किंग में ओवरचार्जिंग की जा रही है।
मेयर अरुण सूद ने भी पेड पार्किंग की व्यवस्था सुधारने पर विशेष फोकस करने का दावा किया था। लेकिन इसके बावजूद हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। कार्रवाई के नाम पर कभी कभार सिर्फ चेकिंग करके चालान काट दिया जाता है।
अमर उजाला ने शनिवार और रविवार को शहर की कई पेड पार्किंग को चेक किया तो पाया कि कई पार्किंगाें में कर्मचारियों ने वरदी नहीं पहनी थी, ई टिकटिंग की मशीनों का प्रयोग नहीं हो रहा था। जबकि सुखना लेक पर वाहन पार्क करने वालों से ओवरचार्जिंग की जा रही है। यहां तक की पर्ची भी 10 रुपये की दी जा रही है जबकि शुल्क 5 रुपये है। शनिवार से पहली बार शुरू हुई सेक्टर-22 शास्त्री मार्केट की पेड पार्किंग से भी ओवर चार्जिंग की शिकायतें आई हैं।
नियमों के अनुसार पेड पार्किंग के अंदर वाहनों की सुरक्षा और सही तरीके से लगाने के लिए हर 50 मीटर पर कर्मी होने चाहिए, लेकिन ऐसा किसी भी पार्किंग में दिखाई नहीं दिया।
विजिलेंस की नजर में ठेकेदार दोषी नहीं
प्रशासन के आदेश पर पिछले साल से शहर की सभी पेड पार्किंग की अलाटमेंट प्रक्रिया से लेकर खामियों और ओवरचार्जिंग की जांच की जा रही है। अभी तक दो पेड पार्किंग की जांच में नगर निगम के छह अधिकारियों को दोषी बताते हुए विभागीय जांच की कार्रवाई की सिफारिश कर चुका है। लेकिन विजिलेंस ने कभी भी पेड पार्किंग के ठेकेदार को दोषी नहीं बताया है जबकि वायलेशन ठेकेदार और उनके कर्मचारियों द्वारा की जाती है।
सुखना लेक में बाद में लिया जाता है शुल्क
सुखना लेक की पेड पार्किंग में वाहन पार्क करने के समय सिर्फ पर्ची दी जाती है। शुल्क वापस आने के बाद लिया जाता है जबकि शहर की अन्य पेड पार्किंग में ऐसा नहीं है। फासवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी ने रविवार को शुल्क पूछा तो कारिदें ने कहा कि 10 रुपये। यहां तक की पर्ची भी मशीन द्वारा 10 रुपये प्रिंट की दी गई। पुरी का कहना है कि वह इसकी शिकायत सलाहकार से भी करेंगे।