हरियाणा सरकार के दो साल का समय निकट आने के साथ ही मुख्यमंत्री ने सीएम विंडो की मॉनीटरिंग कर रहे अधिकारियों पर भी सख्ती कर दी है। नतीजा यह हुआ कि सीएमओ ने अब तक चालीस अधिकारियों पर सस्पेंशन की गाज गिरा दी है। इसके बाद यह अधिकारी सीएमओ के चक्कर काट रहे हैं।
हाथ जोड़कर सीएमओ पहुंची एक महिला अधिकारी बार-बार यह दुहाई दे रही थीं कि अब गलती नहीं होगी। शिकायतों का निपटारा सीएम विंडो पर नहीं दिखा तो यह महिला अधिकारी मुख्यमंत्री का कोपभाजन बन गईं। इन्हें सस्पेंड भले ही नहीं किया गया, लेकिन विभागीय कार्रवाई का पत्र थमा दिया गया। सस्पेंशन की चिट्ठी हाथ में लेकर अन्य अधिकारी भी सीएमओ के चक्कर काट रहे हैं।
सरकार का दावा है कि लापरवाही बरतने में अब तक 40 अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। इसमें अधिकतर क्लास वन गजटेड अधिकारी हैं। इसमें डिप्टी लेबर कमिश्नर, सीएमओ, एमओ, एक्सीएन और एसडीओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। दो उपायुक्तों को भी सरकार ने कोताही बरतने पर कारण बताओं नोटिस भेजा है। कारण बताओ नोटिस की लिस्ट में कुछ डीसीपी और पुलिस अधिक्षक भी शामिल हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के चार अधिकारियों के विभाग में ढिलाई के चलते मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर इन अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की है। अधिकारियों की एसीआर भी मुख्यमंत्री के माध्यम से ही जाती है, लिहाजा यह अधिकारी भी सीएम दरबार के चक्कर काट रहे हैं।