केंद्र सरकार 700 ऐसे अधिनियमों को खत्म करने जा रही है, जिनका कभी कोई इस्तेमाल नहीं होता है। इन्हें खत्म करने का विधेयक जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा। गुड गवर्नेंस के लिए ‘प्रतिमा’ पुस्तक की सफाई करना बेहद जरूरी है।
यह बात केंद्रीय कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने कही। वह शुक्रवार को पंजाब यूनिवर्सिटी केलॉ डिपार्टमेंट द्वारा ‘लॉ एंड गुड गवर्नेंस’ पर आयोजित नेशनल सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
गौड़ा ने कहा कि अदालत में चल रहे विवादों के कारण सरकारों के परेशानी बढ़ती है। इनसे निपटने के लिए सरकार जल्द ही नेशनल लिटिगेशन पॉलिसी बनाने जा रही है। सरकार ऑर्बिटेशन बिल लाने की तैयारी में भी है।
30 साल बाद एक स्थायी सरकार बनी है। अच्छे परिणाम के लिए आमलोगों का सहयोग भी जरूरी है। इसके लिए आम लोग भी सुझाव दें। उन पर विचार किया जाएगा। लोगों ने स्थायी सरकार बनाई है तो गुड गवर्नेंस जरूर दिया जाएगा।
गौड़ा ने कहा कि अदालती कामकाज को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार तेजी से प्रयास कर रही है। ई-कोर्ट्स पर रोजाना फैसलों की प्रतियां उपलब्ध हो रही हैं। देश की विभिन्न अदालतों में इस समय तीन करोड़ से अधिक केस पेंडिंग हैं। पिछले साल 6 दिसंबर को लगाई गई नेशनल लोक अदालत में 44 लाख केस एक ही दिन में निपटाए गए। अदालतों में जल्द से जल्द फैसले आए, सरकार इस दिशा में भी काम कर रही है।
जाट आरक्षण पर रिव्यू पीटिशन फाइल करेगी सरकार
जाट आरक्षण मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए गौड़ा ने कहा कि उन्हें जजमेंट की कॉपी मिल चुकी है। जिन कारणों से इसे रद्द किया गया है, सरकार उन लाइनों को लेकर रिव्यू पीटिशन दाखिल करने की सोच रही है। वहीं, राबर्ट वाड्रा मामले पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने कुछ गलत किया है तो कानून अपना काम करेगा।