चंडीगढ़। अब देश के बड़े स्टार्टअप हब (पुणे, बेंगलुरु और अहमदाबाद) की कतार में चंडीगढ़ को खड़ा करने के लिए उद्योग विभाग ने कमर कस ली है। चंडीगढ़ स्टार्टअप नीति को प्रभावी रूप से जमीन पर उतारने के तहत 150 नए स्टार्टअप्स को मान्यता देने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद के समयबद्ध निर्देश के बाद उद्योग विभाग तेजी से स्टार्टअप्स की पहचान करने में जुट गया है। इसके लिए विभाग ने रैंप का माध्यम भी अपनाया है, जिसमें स्टार्टअप्स को नई जानकारियों के माध्यम से बिजनेस को प्रमोट करने का फंडा बताया जा रहा है। उद्योग विभाग के सूत्रों के अनुसार, अब तक करीब 25 स्टार्टअप्स ने आवेदन किया है। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद नए स्टार्टअप्स को खोजने, रजिस्टर करने और आगे बढ़ाने की पूरी प्रक्रिया अगले 90 दिनों के भीतर तेज गति से पूरी की जाएगी, जिससे युवाओं और नए उद्यमियों को बिना किसी देरी के अधिक से अधिक मौके दिए जा सकें।
इसके साथ ही विभाग ने युवाओं को अपने आइडिया को बिजनेस में बदलने के लिए पैसों की कमी न होने देने के लिए ग्रांट डिस्ट्रीब्यूशन (फंड वितरण) मैकेनिज्म को भी सक्रिय कर दिया है। साथ ही स्टार्टअप्स को सही गाइडेंस, को-वर्किंग स्पेस और मेंटरशिप देने के लिए बेहतरीन इंक्यूबेटर्स को विभाग से जोड़ने की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जा रही है। इसके लिए विभाग इंक्यूबेटर्स की भी तलाश कर रहा है। प्रशासन वर्तमान में 65,000 से अधिक उद्यम-पंजीकृत एमएसएमई को अपनी नीतियों के जरिए सपोर्ट कर रहा है।
हमारा लक्ष्य है कि जल्द से जल्द नए स्टार्टअप्स को इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के साथ जोड़ा जाए। हमने इस पर काम शुरू कर दिया है। रैंप के माध्यम से स्थापित उद्यमियों को ज्यादा से ज्यादा उद्योग की जानकारियां देने के साथ ही युवाओं को जोड़ा जा रहा है।-प्रद्युमन सिंह, निदेशक इंडस्ट्री डिपार्टमेंट, चंडीगढ़