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किसान मेलाः पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई बोले, पंजाब का किसान नई तकनीक सीखने को तैयार

Thu, 20 Sep 2018 07:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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किसान मेला
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पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी लुधियाना में तीन दिवसीय किसान मेला गुरूवार को शुरू हुआ। आओ धरती मां बचाएं पराली को आग न लगाएं के नारे से वातावरण बचाने के संदेश से शुरू हुए किसान मेले का उद्घाटन गवर्नर वीपी सिंह बदनौर और पीएयू के चांसलर ने किया। इस मौके पर अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और पंजाब राज्य किसान भलाई कमीशन के चेयरमैन अजवीर जाखड़ विशेष मेहमान के तौर पर शामिल हुए। 

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इस मौके पर बदनौर ने कहा कि पंजाब के किसानों ने अपनी मेहनत से देश के अन्न भंडार को भरपूर करके अनाज के तौर पर आत्मनिर्भर बनाने में जो योगदान डाला है उसकी कहीं भी कोई मिसाल नहीं मिलती। पंजाब का किसान अग्रणीय है इसलिए नई टेक्नोलॉजी अपना लेता है। पंजाब के सूझवान किसानों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान को खेती करने की जांच सिखाने में भी पंजाबी किसानों का बड़ा योगदान है। 

अब समय वातावरण की संभाल के लिए नई तकनीकों को अपनाने का है और पंजाब के किसान इसमें भी देश की अगुवाई जरूर करेंगे। उन्होंने किसानों को पराली न जलाने की अपील करते हुए हैपी सीडर का इस्तेमाल करने को कहा। हामिद करजई ने भारत विशेष तौर पर पंजाब से अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने पंजाब के लोगों की मेहमान नवाजी की प्रशंसा की और कहा कि मैं इतने ज्यादा किसानों को मेले में देख कर हैरान हूं।

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किसान मेला
 इसका अर्थ यह है कि पंजाब का किसान नई तकनीकें जानने के लिए बहुत तत्पर है। अजयवीर जाकड़ ने कहा कि पंजाब पूरे देश से औसत में ज्यादा है। अब पंजाब के किसान को नई मिसाल पेश करते हुए अपने कुदरती स्त्रोतो की संभाल के लिए आगे आना पड़ेगा। पीएयू के वाइस चांसलर डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों ने किसान मेले में शिरकत कर रहे किसानों, माहिरों और मुख्य अतिथियों का स्वागत किया।

उन्होंने आमदनी की जगह लागत कीमत कम करने के लिए किसानों को जागरूक होने के लिए कहा। उन्होंने फसलों, सब्जियों तथा चारे की नई किस्मों का जिक्र करते हुए किसानों को पूरे रकबे में एक किस्म बीजने की जगह अधिक किस्में आजमाने की सलाह दी। 

इस मौके पर संगरूर के गांव चठा ननहेड़ा और कृषि विज्ञान केंद्र खेड़ी (संगरूर) राजपाल सर्वोत्तम गांव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गुरु अंगद देव वेटरिनरी यूनिवर्सिटी के निर्देशक पसार शिक्षा ने सभी का धन्यवाद किया। यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की ओर से विशेष तौर पर पराली न जलाने के विषय संबंधी एक नुक्कड़ नाटक पेश किया गया। 

इस मौके पर पीएयू का खेती साहित्य भी रिलीज किया गया। इसमें पराली की संभाल करने वाले उद्यमी किसान किताब ‘साड़ी न पराली’ आडियो और एक वीडियो भी रिलीज की गई। इस मौके पर पीएयू किसान ऐप भी जारी की गई। 
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