जाट आरक्षण आंदोलन ने वीरवार को आधे से ज्यादा हरियाणा को चपेट में ले लिया। रोहतक, झज्जर, सोनीपत, जींद, हिसार और भिवानी में आंदोलन का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
कैथल, कुरुक्षेत्र, सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी और करनाल में भी यह तेजी से फैल रहा है। अलग-अलग क्षेत्र की जाट और खाप संस्थाएं भी आंदोलन में कूद गई हैं। आंदोलन के चलते प्रभावित जिलों का आपस में संपर्क कट गया है। इससे कारोबार पर जबर्दस्त असर पड़ा है।
खाद्य पदार्थों, फल-सब्जियों के अलावा अन्य किसी भी उत्पादों का परिवहन नहीं हो रहा है। इससे पिछले पांच दिनों में ही कारोबारियों को 30 करोड़ से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। रोडवेज की 1100 से अधिक बसों के पहिए थमे हैं। इससे रोजाना 35 लाख से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एक तिहाई से अधिक पेट्रोल पंप रीत चुके हैं और अन्य में एक-दो दिन का स्टॉक बचा है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।
इस बीच, आंदोलन का केंद्र बने रोहतक में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। यहां जाट वकील भी आंदोलन के समर्थन में उतर आए। आंदोलनकारियों के विरोध में व्यापारी लामबंद हुए तो उनकी लघु सचिवालय के पास वकीलों से भिड़ंत हो गई। इससे दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस पर भी पत्थरबाजी हुई।
इसके बाद उग्र हुए आंदोलनकारियों ने शहर में अलग-अलग जगह छह बाइक फूंक दी। हुड़दंग कर रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी। आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें तितर-बितर किया गया। तनाव के मद्देनजर शहर में आरएएफ और सीआरपीएफ की तैनाती की गई है।
सांसद सैनी पर गु्स्सा
आंदोलनकारी जाट आरक्षण के विरोध में बयानबाजी करने वाले कुरुक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी पर गुस्साए हुए हैं। सरकार में जाट मंत्री और कांग्रेस-इनेलो के नेता भी आरक्षण आंदोलन के पीछे सैनी की बयानबाजी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी सैनी की जाट समाज के खिलाफ की गई टिप्पणियों को आंदोलन का जिम्मेदार ठहराया है।
जातीय संघर्ष की आशंका
जाट आरक्षण आंदोलन के विरोध में गैरजाट जातियों के नेता भी बयानबाजी करने लगे हैं। ओबीसी में शामिल खासकर सैनी समाज और जाट पहले से एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं। इससे प्रदेश में जातीय संघर्ष की आशंका बन गई है।
आज दिल्ली बार्डर सील करेंगे जाट
आरक्षण के लिए हरियाणा में चल रहा जाट आंदोलन अब यूपी में भी पैर पसारने जा रहा है। आरक्षण के समर्थन में जाट शुक्रवार को मेरठ में दिल्ली बार्डर को सांकेतिक रूप से जाम करेंगे। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बताया कि यूपी में शुक्रवार को इसकी शुरुआत दिलशाद गार्डन स्थित अप्सरा बार्डर को सील करके की जा रही है।