पीक्यूएनके मॉडल को पाकिस्तान के डॉ. आसिफ ने करीब 40 साल पहले विकसित किया है। नौ साल पहले प्रो. विनोद ने उनके साथ मिलकर इस पर काम करना शुरू किया। प्रो. विनोद ने पीक्यूएनके मॉडल को अपनाने के लिए सब सॉयलर, सीलर और मल्चिंग मशीन डिजाइन की। स्वयं इस मॉडल को अपनाने के साथ अन्य किसानों को इसकी ट्रेनिंग देना शुरू किया। अभी अबोहर, फाजिल्का, करनाल, फतेहाबाद, लुधियाना समेत राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से किसान प्रो. विनोद के साथ जुड़े हैं, जो जैविक खेती के लिए पीक्यूएनके मॉडल को अपना रहे हैं। प्रो. विनोद ने बताया नौ साल पहले खेती करने के लिए श्रेष्ठ तकनीक का पता करने पर उन्हें यह सबसे बेहतर लगी, जिसमें गुरु नानक की वाणी मिली है। गुरु नानक हवा, पानी और जमीन को माता-पिता के समान के कहते हैं। उनमें रासायन मिलाना उसमें जहर मिलाने जैसा है। हमारी हवा, पानी और धरती साफ होगी तो ही हम स्वस्थ रह पाएंगे। पीक्यूएनके मॉडल को लेकर प्रो. विनोद से भिन्न सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने निम्नलिखित जवाब दिया।