यह कार्रवाई भी उस समय की जा रही है, जब सिख कौम सिख पंथ गुरुद्वारा सुधार लहर व एसजीपीसी के गठन के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले योद्धाओं के शहीदी दिवस शताब्दी के रूप में मना रही है। इस कार्रवाई को सिखों की सबसे बड़ी संस्था एसजीपीसी पर केंद्र सरकार की ओर से हमला का एलान किया जाता है।
एसजीपीसी को और अधिक मजबूत बनाने और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए यत्न शुरू करने चाहिए। एक महत्वपूर्ण फैसला लेकर सिख पंथ का अपना एक उच्च स्तरीय सिख एजुकेशन बोर्ड स्थापित किया जाना चाहिए। इसके लिए श्री अकाल तख्त साहिब के अगुवाई में सिख विद्वानों सिख संस्थाओं के प्रतिनिधियों पर आधारित कमेटी बनाई जाए, जो इस काम को पूरा करे। पांच सिंह साहिब के बैठक में कहा गया कि पंजाब सरकार को हथियारों को प्रमोट करने वाली फिल्मों पर रोक लगानी चाहिए।