हरियाणा विधानसभा में विपक्षी विधायकों की ओर से सोमवार को किए गए खुलासों की सरकार जांच कराएगी। दो अलग-अलग मामलों में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और गृह मंत्री अनिल विज ने जांच के आदेश दे दिए हैं। डी प्लान की बैठकों में विपक्ष के विधायकों को डीसी नहीं बुला रहे। उन्हें निमंत्रण ही नहीं भेजा जाता।
चौटाला ने इसकी जांच कराकर दो दिन के भीतर बीते एक साल में हुई बैठकों का ब्योरा सदन पटल पर रखने को कहा है। रोहतक में रोहतक-गोहाना-पानीपत रेलवे ट्रैक के निर्माण के लिए तोड़फोड़ व घरों को ध्वस्त करने के मामले की जांच निदेशक शहरी स्थानीय निकाय विभाग की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। इसमें डीसी रोहतक के अलावा पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी शामिल रहेंगे।
डी प्लान के तहत एक रुपया भी विकास के लिए नहीं मिला : गांगोली
डी प्लान की बैठकों में न बुलाने का खुलासा सफीदों के विधायक सुभाष गांगोली ने किया। उन्होंने कहा कि आज तक एक भी बैठक में उन्हें नहीं बुलाया गया। डीसी से आग्रह करने के बावजूद निमंत्रण नहीं भेजा जाता। डीसी कहते हैं कि यह मंत्री के हाथ में है। डी प्लान के तहत एक रुपया भी विकास कार्यों के लिए नहीं दिया गया। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि विधायक पक्ष का हो या विपक्ष का, सभी को बुलाएं। यह गंभीर मामला है। दुष्यंत ने स्पीकर को आश्वस्त किया कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराएंगे। स्पीकर ने कहा कि जांच कराने के साथ ही आगे से सभी विधायकों को डी-प्लान की बैठकों में बुलाया जाए।
रेलवे ट्रैक के लिए मौके पर तोड़े गए मकान: बत्रा
रोहतक में रेलवे ट्रैक के लिए मकानों को तोड़ने का मामला कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि कोई तोड़फोड़ नहीं हुई, जबकि मौके पर मकान तोड़े गए हैं। सरकार हकीकत नहीं बता रही। इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाएं। शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने कहा कि रोहतक में ऊपर उठाये गये (एलिवेटिड) रोहतक-गोहाना-पानीपत रेलवे ट्रैक के निर्माण के दौरान किसी मकान, दुकान को नहीं तोड़ा है। फिर भी तीन सदस्यीय समिति से जांच करवाई जाएगी।
निगम आयुक्त ने दी यह सूचना
रोहतक नगर निगम के आयुक्त ने सूचित किया है कि सहायक मंडल अभियंता रेलवे विभाग रोहतक मंडल से गिराए गए भवनों, घरों की सूचना उपलब्ध करवाने को कहा है। सूचना रेलवे विभाग से अभी सूचना अपेक्षित है। बजरंग भवन से शुरू होकर डबल फाटक तक ऊपर उठाये गये रेलवे ट्रैक के समानांतर (1700 मीटर लंबी और 15 फीट चौड़ी) सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। उसके लिए यह कार्रवाई हुई होगी।