चंडीगढ़। ओपीएस बहाली को लेकर बुधवार को ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लाइज फेडरेशन और स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसटीएफआई) के आह्वान पर कर्मचारी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। पीएफआरडीए एक्ट, एनपीएस व यूपीएस को रद्द कर पुरानी पेंशन बहाली सहित दस सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे।
यह जानकारी ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष सुभाष लांबा व एसटीएफआई के महासचिव सीएन भारती ने दी। उन्होंने कहा, सरकार ने पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाली की बजाय कर्मचारियों पर यूपीएस थोप दीं। इसे कर्मचारियों ने सिरे से खारिज कर दिया है। कहा, कर्मचारियों के राष्ट्रव्यापी विरोध को देखते हुए सरकार को यूपीएस के निर्णय को वापस लेने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के कर्मचारियों को देख लेने और आठ अक्तूबर के बाद चूड़ी टाइट करने वाले बयान को दुर्भाग्यपूर्ण एवं घोर निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि समय बताएगा कि चुनाव में कौन किसको देखेगा और आठ के बाद धमकी देने वाले का क्या हश्र होगा।
वोट फाॅर ओपीएस मुहिम तेज
हरियाणा में विधानसभा चुनाव में ओपीएस का मुद्दा गर्म है। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले लगातार ओपीएस बहाली के लिए आंदोलन जारी है। लोकसभा चुनाव के बाद अब विधानसभा चुनाव में पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने वोट फ़ॉर ओपीएस मुहिम शुरू कर दी है समिति के सदस्य प्रत्येक वार्ड और गांव में संघर्ष समिति ने अपने पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार प्रचार में जुटे हैं। समिति के राज्य प्रधान बिजेंद्र धारीवाल ने कहा कि कर्मचारी उसी दल को वोट करेंगे, जो ओपीएस की बहाली करेगा।