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आढ़तियों पर आयकर छापों के विरोध में पंजाब में विपक्ष एकजुट, भाजपा पड़ी अलग 

Mon, 21 Dec 2020 02:10 PM IST
निवेदिता वर्मा अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के राजपुरा में मंत्री विजयइंदर सिंगला को शिकायत देते आढ़ती। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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आयकर विभाग की केंद्रीय टीम के पंजाब के 10 से अधिक आढ़तियों पर छापे की कार्रवाई के बाद विपक्ष एकजुट हो गया है। सत्तासीन कांग्रेस के साथ ही शिअद, आप, बसपा और अन्य छोटे-बड़े राजनीतिक दल इसे केंद्र की दबाव की राजनीति बता रहे हैं। इस मामले में अलग थलग पड़े पंजाब के भाजपा नेतृत्व को किसानों के साथ अब आढ़तियों का भी विरोध झेलना पड़ेगा।

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आढ़तियों के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग के छापों पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बयान में कहा है कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन पर दबाव बनाने के लिए छापे डलवा रहा है। यह पहली बार ही हुआ कि छापे से पहले स्थानीय पुलिस को सूचना न देकर सीआरपीएफ के जवानों के साथ आयकर विभाग के अधिकारी छापा डालने के लिए पहुंचे।


इसके अलावा आप के नेता भी इसे बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। आप सांसद भगवंत मान ने आयकर विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताया है और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की निंदा की है। इसके अलावा कभी भाजपा का हिस्सा रहने वाले शिअद ने भी आयकर विभाग की इस कार्रवाई का विरोध किया है। 
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शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि इस कदम से पंजाब में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द खराब होगा। विपक्ष के साथ ही अब आढ़ती एसोसिएशन भी भाजपा के खिलाफ खुलकर आ गई है। पंजाब के भाजपा नेतृत्व के सामने किसानों के बाद अब आढ़तियों का विरोध काफी मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

हैरानी: भाजपा प्रधान को नहीं जानकारी
आढ़तियों के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग के छापे की कार्रवाई पर पंजाब के भाजपा प्रधान अश्वनी शर्मा ने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि वह बिना जाने किसी भी मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पहले वह जानकारी लेंगे इसके बाद ही इस मामले में कुछ कह पाएंगे।

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का उपयोग करके पंजाब आढ़ती एसोसिएशन के कई पदाधिकारियों के यहां छापे मारे गए। हम इस दमनकारी कार्रवाई की निंदा करते हैं और अपने आढ़ती भाइयों को आश्वस्त करते हैं कि हम ऐसी दमनकारी कार्रवाई के विरोध में उनका साथ देंगे। -सुखबीर सिंह बादल, अध्यक्ष, शिअद

 

मोदी सरकार किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे व्यापारी वर्ग के प्रति बदले की नीति पर उतर आई है। ईडी, सीबीआई व आयकर टीमों से कैप्टन व बादलों को तो केंद्र की सरकार डरा सकती है, लेकिन किसानों और कारोबारियों को नहीं डरा सकती है। आप इस कार्रवाई का खुलकर विरोध करेगी। -भगवंत मान, सांसद, आम आदमी पार्टी

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