हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत हो रही टीजीटी और पीजीटी भर्ती को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। शिक्षक भर्ती को लेकर कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने भर्ती को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए सवाल दागे हैं। उधर, हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने मेरिट सूची की बजाय भर्ती के मानदंड जारी किए हैं। निगम का दावा है कि भर्ती पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से हुई है।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम की ओर से निकाली गई टीजीटी और पीजीटी भर्ती में पारदर्शिता नहीं बरतने के आरोप हैं। सरकार की ओर से कौशल रोजगार निगम 4144 अभ्यर्थियों को नौकरी के लिए ऑफर लेटर भेजे जा चुके हैं। आरोप ये भी है भर्ती में बिना दस्तावेजों की जांच के ही अभ्यर्थियों का चयन किया गया। चयन सूची से बाहर रहे अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
इस मामले को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने न तो भर्ती का क्राइटेरिया जारी किया और न मानदंड बताए। आनन-फानन में अभ्यर्थियों को जॉब ऑफर लेटर दे दिए और उनके दस्तावेजों की जांच तक नहीं की गई। भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने को लेकर ढोल पीट रही सरकार ने मेरिट सूची तक जारी नहीं की। यह सब भर्ती की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। इसके अलावा, सुरजेवाला ने कहा कि बी ग्रुप स्तर की भर्ती ठेके के आधार पर करना गलत है। सरकार को इसकी पक्की भर्ती निकालनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया बी स्तर की भर्ती केवल हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग कर सकता है, लेकिन यह अधिकार निगम को कहां से मिले। दूसरा, ये अध्यापक कभी पक्के होंगे या नहीं।
सैलजा ने सीएम को लिखा पत्र, सभी विषयों की निकाली जाए भर्ती
पीजीटी शिक्षक भर्ती में सभी विषयों को शामिल करने की मांग को लेकर सोमवार को कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखा। सैलजा ने मांग की है कि पीजीटी शिक्षक भर्ती में सभी विषयों की भर्ती निकाली जाए और सभी रिक्त पद भरे जाएं। पत्र में कहा है कि हरियाणा में पीजीटी स्कूल लेक्चरर की पोस्ट बीती 19 नवंबर को विज्ञापित की गई थी। इसमें केवल आठ विषयों को ही शामिल किया गया है।
हरियाणा के स्कूलों में 18 से 20 विषय पढ़ाए जाते हैं, लेकिन कई विषय भर्ती में शामिल नहीं किए गए हैं। भौतिक शास्त्र, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, पंजाबी, संस्कृत, हिंदी, इंग्लिश, समाजशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान आदि महत्वपूर्ण विषय भर्ती में शामिल नहीं किए गए। कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में पीजीटी शिक्षक भर्ती को सात साल बीत गए हैं और सिर्फ आठ विषयों के 4476 पद ही भरे जा रहे हैं, जबकि पीजीटी के 14 हजार पद खाली हैं।
150 अंकों के आधार पर तय होती है मेरिट: निगम
भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने भर्ती के मानदंड जारी किए हैं। हालांकि, अभ्यर्थियों को अब भी चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट सूची सार्वजनिक होने का इंतजार है। निगम प्रवक्ता का कहना है कि कुल 150 अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाती है।
इसमें परिवार की वार्षिक आय के अधिकतम 40 अंक निर्धारित किए गए हैं। उम्मीदवार की आयु के लिए अधिकतम 15 अंक निर्धारित किए गए हैं। एचटेट या राज्य अध्यापक पात्रता परीक्षा के अधिकतम 20 अंक, सामाजिक-आर्थिक स्तर के लिए अधिकतम 5 अंक, शैक्षणिक योग्यता के लिए अधिकतम 10 अंक, उसी जिले में डिप्लोएमेंट के अधिकतम 10 अंक, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत सत्यापित लाभपात्रों को अधिकतम 50 अंक निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों के मोबाइल पर एसएमएस जाता है, उसे अपने आठ अंकों के परिवार पहचान पत्र की जानकारी देकर ‘डिप्लोएमेंट लेटर’ स्वीकार करने या स्वीकार न करने की सहमति 15 दिनों में देनी होती है। उसके बाद उसे जिला आवंटित किया जाता है। तत्पश्चात उसे स्कूल आवंटित किया जाता है। उम्मीदवार को ज्वाइनिंग के लिए संबंधित डीडीओ के पास दस्तावेजों के सत्यापन के लिए रिपोर्ट करनी होती है। प्रवक्ता ने कहा इस भर्ती प्रक्रिया में वर्ष 2015 या उसके बाद की ही एच-टेट उत्तीर्ण परीक्षा मान्य है। निगम का दावा है कि पीजीटी व टीजीटी की की जा रही भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जा रही है। निगम के पोर्टल पर उन्हीं उम्मीदवारों को अस्वीकार किया जा रहा है, जिनके दस्तावेजों में खामियां हैं।