-दिया जा रहा बिना पर्ची और बिना खर्ची का नारा, ग्रुप डी के 13 हजार पद भी जल्द भरे जाएंगे
-कांग्रेस, इनेलो और आप गड़बड़ी के लगा रहीं आरोप, सड़कों पर उतरने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा की स्टे हटते ही हरियाणा सरकार ने नौकरियों के परिणाम जारी कर लोकसभा चुनावों से पहले माहौल बनाने का खाका तैयार कर लिया है। युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने की खुशी को भुनाने के लिए भाजपा-जजपा ने पूरी तैयारी कर ली है। बिना पर्ची और बिना खर्ची का नारा देकर भाजपा नेता गांव-गांव दस्तक दे रहे हैं और सरकार के गुणगान में जुट गए हैं। उधर, भर्तियों में गड़बड़ी के आरोप लगाकर कांग्रेस, इनेलो और आम आदमी पार्टी ने सरकार की घेराबंदी करनी शुरू कर दी है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने ग्रुप सी के 32 हजार पदों में से 10,233 पदों का परिणाम जारी कर दिया है। इसके अलावा, ग्रुप डी के 13,657 पदों को भरने के लिए भी आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए आयोग ने सीईटी पास 56 हजार से अधिक उम्मीदवारों को शार्टलिस्ट किया है और इनसे पोर्टल पर ग्रुप डी की नौकरी, पद और विभाग के लिए विकल्प लिए जाएंगे। संभावना है कि जल्द ही पोर्टल खोला जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा लोक सेवा आयोग और एचएसएससी दोनों को कड़े निर्देश दिए हैं कि भर्तियों में तेजी लाई जाए और लंबित भर्तियों के विवाद खत्म करके उनको सिरे लगाया जाए। दोनों ही आयोग इसी रणनीति के तहत काम कर रहे हैं और लगातार परीक्षाओं और भर्तियों के परिणाम जारी करने में जुट गए हैं।
पोर्टल में जानबूझ कर रखी गई हैं खामियां: अभय सिंह चौटाला
इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने एचएसएससी द्वारा जारी किए गए ग्रुप सी के रिजल्ट में भारी धांधली के आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 12 हजार आवेदक ऐसे हैं जिनके कटऑफ से 20 से 30 नंबर अधिक हैं, यानी 70 से 80 नंबर आए हैं और वैध डॉक्यूमेंट अपलोड किए हैं लेकिन उनका डाटा एचएसएससी के रिकॉर्ड से गायब है जिसके कारण उनका जानबूझकर चयन नहीं किया गया है। जबकि कटऑफ 50 नंबर का था और 50 नंबर वालों का चयन कर दिया गया है।
ग्रुप-सी की भर्ती में बड़े पैमाने पर हुई धांधली : दीपेंद्र हुड्डा
राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि 5 साल से भर्तियों पर कुंडली मारकर बैठी भाजपा-जजपा सरकार ने लंबे इंतजार के बाद ग्रुप-सी की भर्ती का रिजल्ट जारी किया। लेकिन ये रिजल्ट युवाओं के लिए खुशी के बजाय भद्दा मजाक साबित हुआ। रिजल्ट जारी होते ही हजारों की तादाद में युवा एचएसएससी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंच गए। युवाओं ने आरोप लगाया कि धांधली करके ज्यादा अंकों वाले अभ्यर्थियों को भर्ती से बाहर कर दिया गया और कम अंक वाले अभ्यर्थियों का सिलेक्शन कर लिया गया। अभ्यार्थियों के दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर फेरबदल करके इस पूरे गड़बड़झाले को अंजाम दिया गया है। अभ्यार्थी शिकायत कर रहे हैं कि दस्तावेजों में गड़बड़ी करके उनकी कैटेगरी ही बदल दी गई। शिकायत करने पर अधिकारियों ने कई अभ्यर्थियों को बताया कि उनके डॉक्यूमेंट जमा नहीं होने की वजह से उन्हें सेलेक्ट नहीं किया गया। जबकि डॉक्यूमेंट के जमा किए बिना ना तो अभ्यर्थी का फॉर्म सबमिट हो सकता है और ना ही उसका रोल नंबर जारी हो सकता है। बहुत सारे अभ्यर्थियों के तो पोर्टल से डॉक्यूमेंट ही गायब बताए जा रहे हैं।